Himachal News: पीएम श्री योजना लागू करने में हिमाचल प्रदेश देश भर में अव्वल, केंद्र सरकार ने की सराहना
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने पीएम श्री योजना के बेहतरीन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए प्रदेश की विशेष सराहना की है।
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धानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना के क्रियान्वयन में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में अव्वल रहा है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इस योजना के बेहतरीन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए हिमाचल की सराहना की है। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्रालय ने हिमाचल के प्रयासों को प्रशंसनीय बताया। हिमाचल प्रदेश न केवल पीएमश्री योजना के तहत स्वीकृत सभी चार किस्तें प्राप्त करने में सफल रहा, बल्कि 100 प्रतिशत धनराशि का समय पर व्यय भी सुनिश्चित किया है।
यह देशभर में सबसे अधिक है। बैठक में हिमाचल प्रदेश के शिक्षा सचिव राकेश कंवर और राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा ने भाग लिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विशेष रूप से जिला शिमला के टुटू स्थित पीएमश्री विद्यालय की सराहना की, जिसने योजना के तहत एक रोल मॉडल स्कूल के रूप में पहचान बनाई है। इस विद्यालय में न केवल नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि बड़ी संख्या में छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर इस सरकारी विद्यालय में दाखिला ले रहे हैं, जो जनविश्वास में आए बदलाव और योजना की प्रभावशीलता को दर्शाता है। शिक्षा मंत्रालय ने हिमाचल सरकार की योजना के प्रभावी कार्यान्वयन की प्रशंसा करते हुए आशा व्यक्त की है कि यह उत्कृष्ट प्रदर्शन अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
हिमाचल में पीएम श्री योजना के तहत 180 स्कूल चयनित
प्रदेश में पीएम श्री योजना के तहत 180 स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप बच्चों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन विद्यालयों में छात्रों को तकनीकी, व्यावसायिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। व्यावसायिक शिक्षा को इन विद्यालयों में प्रमुखता दी जा रही है। इसके साथ ही योग, खेल, कॅरिअर गाइडेंस व काउंसलिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक स्कूल में आधुनिक आईसीटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब, विज्ञान प्रयोगशालाएं और प्राथमिक कक्षाओं के लिए चाइल्ड-फ्रेंडली फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके अतिरिक्त, हर्बल और मेडिसिनल गार्डन भी इन स्कूलों में विकसित किए जा रहे हैं।