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सूचना न देने पर कानूनगो, पटवारी से जवाब तलब
Thu, 06 Aug 2020 09:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 06 Aug 2020 09:18 PM IST
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आरटीआई में सूचना देने से आनाकानी करना कानूनगो और पटवारी को महंगा पड़ा। राज्य सूचना आयोग ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तहसीलदार के माध्यम से जवाब तलब किया है कहा गया है कि क्यों ना उन पर पेनल्टी लगाई जाए। यह कार्रवाई राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान ने की है। कांगड़ा के लंबागांव के निवासी जगदीश राणा की ओर से दायर अपील पर फैसला लिया गया है।
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उन्होंने 13 सितंबर 2019 को आरटीआई की दरख्वास्त लगाई। इस आरटीआई आवेदन में 1975 के बंदोबस्त के बारे में सूचना मांगी गई। मगर आवेदक को कोई सूचना नहीं दी गइ गई। लोअर लंबागांव के पटवारी हलका ने 5 अगस्त 2019 को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि जनसूचना अधिकारी यानी अधीक्षक ग्रेड दो तहसील कार्यालय जयसिंहपुर को सूचित किया गया है कि ऐसी फील्डबुक और रिकॉर्ड पटवार सर्कल में ट्रेस नहीं हो पा रही है।
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इसका कारण यह बताया गया कि पटवार सर्कल को इस बंदोबस्त के बाद ही सृजित किया गया। इसी तरह से कार्यालय कानूनगो तहसील कार्यालय जयसिंहपुर ने अपनी रिपोर्ट 10 अक्टूबर 2019 को दी। उन्होंने बताया कि इस रिकॉर्ड की उपलब्धता नहीं है। इस मामले की सुनवाई टेलिफोनिक ऑडियो कांफ्रेंस से हुई।
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जगदीश राणा से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक अपील डीसी कांगड़ा के समक्ष दायर की थी और इस मामले को प्रशासनिक स्तर पर भी उठाया। अब उन्हें रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिया गया है। फाइल बताती है कि आरटीआई के मामलों को देखते हुए कार्यालय कानूनगो और पटवारी हलका ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई है।