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RTI: जनसूचना अधिकारी को पांच हजार जुर्माना, सूचना आयोग सख्त
Mon, 27 Feb 2023 05:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 27 Feb 2023 05:43 PM IST
सार
आयोग ने पाया कि जनसूचना अधिकारी ने अपीलकर्ता को वांछित सूचना 100 दिनों के बाद दी है। आयुक्त आरडी धीमान ने जनसूचना अधिकारी पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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विस्तार
राज्य सूचना आयोग ने सूचना के अधिकार में सूचना देने में देरी करने पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के आयुक्त आरडी धीमान ने ज्वालामुखी उपमंडल के जनसूचना अधिकारी पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। मदन लाल की अपील को स्वीकार करते हुए आयोग ने यह आदेश पारित किए। आयोग ने पाया कि जनसूचना अधिकारी ने अपीलकर्ता को वांछित सूचना 100 दिनों के बाद दी है।
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अपीलकर्ता ने 16 अप्रैल 2021 को सूचना के अधिकार में आवेदन किया था। जनसूचना अधिकारी ने न तो सूचना तैयार की और न ही उसे अपीलकर्ता को दिया। समय पर सूचना न देने पर जन सूचना अधिकारी के खिलाफ अपील दायर की गई। अपील का निपटारा करने वाले आदेशों के बाद जन सूचना अधिकारी ने 31 अगस्त 2021 को सूचना दी।
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आयोग ने पाया कि जनसूचना अधिकारी ने आवेदन को उपमंडलाधिकारी के रीडर रामेश्वर दत्त को दिया था। रीडर ने जानबूझ कर अपीलकर्ता को सूचना नहीं दी है। आयोग ने रीडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। रीडर से उचित और संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग ने सूचना के अधिकार की धारा- 20 में उसे जुर्माना लगाया है।
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