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शिमला: प्रबंध निदेशक बोले- वापस नहीं होगा हर माह बिजली बिल देने का फैसला
Sat, 16 Apr 2022 12:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 16 Apr 2022 12:20 PM IST
सार
बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डडवाल ने कहा कि कारण बताओ नोटिस को पावर इंजीनियर अन्यथा ना लें। नोटिस का समय रहते जवाब दें।
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राज्य बिजली बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश में हर माह सौ फीसदी बिजली बिल जारी करने को लेकर लिया गया फैसला वापस नहीं होगा। राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधन और पावर इंजीनियरों के बीच खड़े हुए विवाद पर बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डडवाल ने कहा है कि बोर्ड की वित्तीय स्थिति सुधारने को ऐसा करना जरूरी है। हर माह अगर बिजली बिल वसूले नहीं जाएंगे तो खर्च पूरे करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली बिल जारी करने को पर्याप्त मशीनें हैं।
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चीफ इंजीनियरों को मशीनों की खरीद करने का जिम्मा दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी से जूझने वाले कार्यालयों में आउटसोर्सिंग आधार पर स्टाफ नियुक्त करने की अधिकारियों को छूट दी गई है। प्रबंध निदेशक ने कहा कि कारण बताओ नोटिस को पावर इंजीनियर अन्यथा ना लें। नोटिस का समय रहते जवाब दें। पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने हर माह सौ फीसदी बिजली बिल जारी नहीं करने पर अधिकारियों को जारी हुए नोटिस के खिलाफ प्रबंधन वर्ग के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।
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वीरवार को एसोसिएशन से जुड़े करीब 150 अधिकारियों ने विरोध स्वरूप वार्तालाप के लिए प्रबंधन की ओर से बनाए गए व्हाट्सअप ग्रुपों को छोड़ दिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने पर अड़े हैं। इसके अलावा बिजली बिल जारी करने के लिए पर्याप्त मशीनों और स्टाफ की कमी का हवाला देकर सभी उपभोक्ताओं को एक माह में बिल जारी करने के आदेशों का विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को बोर्ड के प्रबंध निदेशक की ओर से इस मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी मामले का हल बातचीत से होता है। एसोसिएशन की हर बात सुनने को प्रबंधन तैयार है।
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