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मार्केटिंग बोर्ड के निदेशक मंडल ने दी नए कार्यों को मंजूरी, 126 करोड़ होंगे खर्च
Sat, 28 Dec 2019 07:34 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 28 Dec 2019 07:34 PM IST
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प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के निदेशक मंडल ने शनिवार को अहम फैसले लिए। बैठक के दौरान विश्व बैंक से वित्त पोषण मिलने पर 111 करोड़ की लागत से नई सब्जी व फल मंडियों के निर्माण को मंजूरी दी गई। इस अलावा 15 मंडियों के लिए ई नैम प्रोजेक्ट के तहत 6.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से इन मंडियों में पैकिंग व ग्रेडिंग हाउस बनाए जाएंगे। बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी ने बताया कि चार अन्य मंडियों के लिए भी पैसा जारी करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा जा रहा है।
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भंडारी ने बताया कि ढली सब्जी मंडी का विस्तार करने के लिए 15.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, शिलारू में नई फल एवं सब्जी उप मंडी बनाने के लिए साढ़े 7 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई है। इसी तरह से खड़ा पत्थर मंडी का काम भी चल रहा है। रोहड़ू के मेहन्दली में 20 करोड़ की मंडी बनेगी। सिरमौर के सराहा में 3 करोड़ की लागत से बड़ी मंडी प्रस्तावित है। थरमाटी में फल एवं सब्जी उप मंडी के निर्माण के लिए 6.31 करोड़ रुपये की भी मंजूरी दी गई।
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ऊना रामपुर में भी 29 करोड़ से मंडी बनाई जाएगी, जिसके लिए 6.55 करोड़ मंजूर कर दिए है। भंडारी ने बताया कि चूंकि हरियाणा परवाणू के नजदीक एचएमटी की जमीन पर बड़ी मंडी बनाने जा रहा है। ऐसे में हम भी परवाणू में 6 करोड़ की लागत से बड़ी सेब की मंडी बनाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि हिमाचल का सेब हिमाचल में ही आकर खरीदा जाए और उससे हिमाचल को लाभ होगा।
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कुल्लू व पराला में भी मंडियों का विस्तार किया जाएगा। पांवटा में ही 5.62 करोड़ की लागत से दो मंडियां तैयार की जाएंगी। केंद्र ने ई नेम प्रोजेक्ट के लिए हिमाचल की 19 मंडियां चयनित की हैं, जिनमें किसानों-बागवानों के उत्पादन ऑनलाइन बेचे जाने का प्रावधान है। उन्हाेंने कहा कि बोर्ड इस बार पर जोर देगा कि हर हाल में ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस वर्चुअल मार्केट से जोड़ा जाए।
व्यापारी से लेते हैं सिर्फ तीन रुपये पेटी
भंडारी ने व्यापारियों और बागवानों से अवैध वसूली की बात को नकारते हुए कहा कि प्रदेश में 12 चेक पोस्ट हैं, जहां पर उनसे सिर्फ तीन रुपये प्रति पेटी लिया जाता है। पिछली सरकारों में भले ही वसूली की गई हो। लेकिन वर्तमान सरकार के समय में हमने इन चेक पोस्ट से सरकारी राजस्व बढ़ाया है। इस दौरान बोर्ड के एमडी नरेश ठाकुर ने बताया कि दस जगह बोर्ड सीए स्टोर बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।