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शिमला समेत पूरे प्रदेश में निजी ऑपरेटरों का बसें चलाने से इंकार
Sun, 24 May 2020 07:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 24 May 2020 07:59 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में निजी बस ऑपरेटर संघ की एक बैठक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिला की यूनियन ने तय किया कि जब तक सरकार निजी बस ऑपरेटरों से बातचीत नहीं करेगी, तब तक प्रदेश में कोई निजी बस नहीं चलेगी। यूनियन ने किराया बढ़ोतरी की मांग की है।
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निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने बताया कि जिला की यूनियन के निवेदन पर यह तय किया है कि प्रदेश में सरकार ने एक जून से सभी बसें चलाने का फरमान जारी किया है। निजी बस ऑपरेटरों उससे सहमत नहीं हैं। बैठक में ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि सरकार उनसे सौतेला व्यवहार कर रही है। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा है कि 60 प्रतिशत क्षमता में बसें चलाना मुमकिन नहीं है। इस योजना से बस ऑपरेटर कंगाल हो जाएंगे।
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इसलिए सरकार बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराएं या कोई सरकारी राहत निजी बस ऑपरेटरों को दें। ऑपरेटरों ने एकमत से किराये में बढ़ोतरी की मांग की। निजी बसें प्रवासी मजदूरों को छोड़ने के लिए राज्य से बाहर तक सेवाएं देती रही, लेकिन सरकार ने चालकों-परिचालकों एवं बस ऑपरेटरों को कोई राहत नहीं दी, जबकि एचआरटीसी को 60 करोड़ का अनुदान दिया और उनके चालकों-परिचालकों का 50 लाख का बीमा करवाया, जिससे पता चलता है सरकार उनसे कितना सौतेला व्यवहार कर रही है।
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