हिमाचल: नोटिस के विरोध में बिजली बोर्ड प्रबंधन के व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ेंगे पावर इंजीनियर
पावर इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने बताया कि बिजली बिल जारी करने के लिए सभी के पास मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। स्टाफ की भी भारी कमी है। बोर्ड प्रबंधन को आदेश लागू करने और नोटिस जारी करने से पहले इन कमियों को दूर करना चाहिए।
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स्टाफ और बिल जारी करने वाली मशीनों की कमी के बावजूद प्रदेश में हर माह बिजली बिल न देने पर मिले कारण बताओ नोटिस पर पावर इंजीनियर एसोसिएशन भड़क उठी है। एसोसिएशन ने विरोध स्वरूप सरकारी वार्तालाप के लिए बनाए गए बिजली बोर्ड प्रबंधन के सभी व्हाट्सएप ग्रुप लेफ्ट करने का फैसला लिया है। बोर्ड के प्रबंध निदेशक की ओर से इस मामले को लेकर सकारात्मक रवैया न अपनाए जाने पर एसोसिएशन ने बुधवार को यह फैसला लिया। वीरवार से पावर इंजीनियर एसोसिएशन में शामिल 150 से अधिक बिजली अधिकारी प्रबंधन वर्ग के व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ देंगे।
पावर इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर और महासचिव तनुज गुप्ता ने बताया कि उपभोक्ताओं को हर माह बिजली बिल न देने पर बोर्ड प्रबंधन ने चार अधीक्षण अभियंताओं, सात अधिशासी अभियंताओं और 23 सहायक अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस मामले को लेकर बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल से कई बार बात करने के प्रयास किए गए लेकिन वो एसोसिएशन की बात सुनने को तैयार नहीं है।
बिजली बिल जारी करने के लिए सभी के पास मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। स्टाफ की भी भारी कमी है। बोर्ड प्रबंधन को आदेश लागू करने और नोटिस जारी करने से पहले इन कमियों को दूर करना चाहिए। प्रबंधन को इस मामले पर दोबारा विचार करना चाहिए। अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने विरोध स्वरूप प्रबंधन के साथ बातचीत के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने का फैसला लिया है। जल्द ही एसोसिएशन बैठक कर इस मामले को लेकर आगामी रणनीति तय करेगी।