नहीं टूट रही सतलुज में बनी झील, खतरा बढ़ने के बाद रेड अलर्ट जारी
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हिमाचल के किन्नौर के उरनी ढांक में भूस्खलन के कारण बनी झील से पानी निकालने का कार्य जान जोखिम में डालकर किया जा रहा है। प्रशासन ने तेजी से बढ़ रहे सतलुज नदी के बहाव को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
सतलुज का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। नदी पर बने पुल को बचाना एनएच प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन के लिए बेहद कठिन हो गया है। ऊपरी पहाड़ी से भूस्खलन के कारण झील से पानी की निकासी बहुत कम हो गई है।
झील के पानी की निकासी के लिए कश्ती में जाकर ब्लास्टिंग की जा रही है। ब्लास्टिंग के तुरंत बाद भूस्खलन के कारण दोबारा मलबा इकट्ठा हो रहा है। इस कारण झील में बराबर खतरा बना हुआ है।
लगातार जारी है ब्लास्टिंग मगर नहीं हट रही झील
मजदूर झील के किनारे किश्ती में जाकर बड़े पत्थरों को ड्रिल कर ब्लास्ट कर रहे हैं। इसमें ब्लास्टिंग करने के लिए तीन से चार घंटे का समय लग रहा है। विधानसभा के उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी कार्य का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मौके पर पहुंचे।
झील में पानी इतना बढ़ गया है कि वहां बिना कश्ती के ब्लास्टिंग कार्य नहीं हो सकता। विस उपाध्यक्ष ने एनएच प्राधिकरण के अधिकारियों को एहतियात बरतने के साथ तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
नेशनल हाईवे के कनिष्ठ अभियंता मोहन मेहता ने कहा कि चोलिंग की ओर लगे बैली ब्रिज को दो मीटर ऊंचा उठाने का कार्य तेजी से चल रहा है। एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने लोगों से बरसात का मौसम खत्म होने तक सतलुज किनारे न जाने का आह्वान किया है।