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पांच महीने में हिमाचल ने खोए चार बड़े सियासी चेहरे
Fri, 09 Jul 2021 10:11 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 09 Jul 2021 10:11 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश ने पिछले पांच महीने में भाजपा-कांग्रेस के चार बड़े चेहरों को खोया है। छह बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया।
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पांच महीने में हिमाचल ने खोए चार बड़े सियासी चेहरे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देवभूमि हिमाचल प्रदेश ने पिछले पांच महीने में भाजपा-कांग्रेस के चार बड़े चेहरों को खोया है। गुरुवार तड़के छह बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस साल के दूसरे महीने यानी फरवरी में कांगड़ा जिले के कद्दावर नेताओं में शुमार और वीरभद्र सिंह के करीबी रहे फतेहपुर से विधायक सुजान सिंह पठानिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। प्रदेश के एक बड़े नेता के निधन के बाद कांग्रेस से लेकर भाजपा तक शोक में डूबी ही थी कि 17 मार्च को नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास में मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद रामस्वरूप शर्मा की मौत हो गई।
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दिल्ली पुलिस की जांच में आत्महत्या की बात सामने आई। इसके बाद 5 जून को प्रदेश सरकार के मुख्य सचेतक एवं जुब्बल कोटखाई सीट से विधायक नरेंद्र बरागटा का लंबी बीमारी के चलते पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान देहांत हो गया। एक एक कर इन नेताओं की खाली होती गई विधानसभा और लोकसभा सीट पर चुनाव आयोग ने उप चुनाव कराने की तैयारी शुरू की, लेकिन कोरोना ने इस कवायद पर ब्रेक लगा दिया। कुछ समय पहले हालात सामान्य होने शुरू हुए तो माना गया कि अगले एक से दो महीने में उप चुनाव हो सकते हैं, लेकिन इस बीच गुरुवार को अब अर्की से विधायक रहे वीरभद्र सिंह के निधन ने उपचुनाव की सूची में एक सीट और बढ़ा दी।
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