{"_id":"64e5e660b0f0fb0bf2028298","slug":"himachal-pradesh-high-court-12-years-rigorous-imprisonment-to-rape-culprit-2023-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"HP High Court: दुष्कर्म के आरोपियों को सुनाई सजा हाईकोर्ट ने रखी बरकरार, 12 साल का कठोर कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HP High Court: दुष्कर्म के आरोपियों को सुनाई सजा हाईकोर्ट ने रखी बरकरार, 12 साल का कठोर कारावास
Wed, 23 Aug 2023 04:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 23 Aug 2023 04:31 PM IST
सार
कुलदीप और संजीत की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि दुष्कर्म निंदनीय अपराध है। यह पीड़ित के शरीर पर ही नहीं, बल्कि मन और गोपनीयता पर हमला है।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपियों को सुनाई गई सजा बरकरार रखी है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने सत्र न्यायाधीश किन्नौर के निर्णय पर मुहर लगाई है। विचारण अदालत ने रामपुर निवासी कुलदीप कुमार और संजीत कुमार को 14 वर्ष की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म के जुर्म के लिए दोषी ठहराया था।
विज्ञापन
अदालत ने दोनों आरोपियों को 12-12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 366 और 376डी के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अदालत को बताया कि वर्ष 2014 में पीड़ित 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। 3 जुलाई 2014 को जब वह स्कूल से वापस आ रही थी तो सुनील कुमार ने उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा दिया। कुलदीप और संजीत पहले से ही गाड़ी में बैठे थे।
विज्ञापन
सभी लोग पीड़ित को जंगल में ले गए और वहां उससे दुष्कर्म किया। दूसरे दिन पीड़ित ने सारी बात अपनी मां को बताई। पुलिस के पास शिकायत करने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया और विचारण अदालत के समक्ष अभियोग चालाया। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित करने के लिए 13 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। विचारण अदालत ने तीनों को 12-12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
कुलदीप और संजीत की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि दुष्कर्म निंदनीय अपराध है। यह पीड़ित के शरीर पर ही नहीं, बल्कि मन और गोपनीयता पर हमला है। एक हत्यारा शारीरिक ढांचे को नष्ट कर देता है, जबकि दुष्कर्म करने वाला महिला की आत्मा को अपमानित करता है।