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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Pradesh Government takeover of Baglamukhi temple in Kangra

कांगड़ा के बगलामुखी मंदिर का सरकारीकरण करने की तैयारी

Wed, 04 Nov 2020 12:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुनील चड्ढा, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 04 Nov 2020 12:47 PM IST
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Himachal Pradesh Government takeover of Baglamukhi temple in Kangra
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

एसडीएम देहरा की जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर डीसी कांगड़ा ने बगलामुखी मंदिर बनखंडी का सरकारीकरण करने और मंदिर न्यास कमेटी में प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल करने की अनुशंसा की है। मंदिर का सरकारीकरण करने को लेकर डीसी कांगड़ा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग को 29 जुलाई 2020 को पत्र लिखा था, जिस पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  

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प्रदेश सरकार के निर्देश मिलने पर डीसी कांगड़ा ने बगलामुखी मंदिर में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर हाल ही में दोबारा से एसडीएम देहरा से जांच करवाई है। एसडीएम देहरा की ओर से दोबारा भेजी गई नई जांच रिपोर्ट में फिर से बगलामुखी मंदिर में अनियमितताएं पाई गई हैं। एसडीएम देहरा ने बगलामुखी मंदिर प्रबंधन की जांच रिपोर्ट 3 जुलाई 2020 को डीसी कांगड़ा को भेजी थी।
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अमर उजाला ने फरवरी और मार्च माह में करीब 10 सीरीज में बगलामुखी मंदिर में वित्तीय एवं अन्य अनियमितताओं का परत दर परत खुलासा किया था। दो साल पहले भी एसडीएम देहरा ने बगलामुखी मंदिर बनखंडी की जांच रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री दफ्तर को भेजकर इसका सरकारीकरण करने की अनुशंसा की थी। लेकिन, एसडीएम देहरा की इस जांच रिपोर्ट को डीसी दफ्तर में दबा दिया गया था। इस जांच रिपोर्ट में मंदिर के महंत पर अनियमितताओं के कई आरोप लगे थे लेकिन डीसी कांगड़ा ने उसे ही मोहतमीम नियुक्त कर दिया था।  
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यह है जांच रिपोर्ट में
एसडीएम की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि आज तक मंदिर ट्रस्ट द्वारा बगलामुखी मंदिर में चल रहे नवनिर्माण कार्य के लिए उपायुक्त से कोई भी अनुमति नहीं ली गई है। मंदिर में जांच के दौरान जांच अधिकारी को सिर्फ दो दिन की ही हवन-यज्ञ की रसीदों को चेक करवाया गया। मंदिर में श्रद्धालु चढ़ावा चढ़ाते हैं, इसलिए मंदिर के सही संचालन के लिए इसका सरकारीकरण और प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रस्ट में शामिल किया जाना चाहिए।


मोहतमीम की नियुक्ति पर लटकी तलवार
जांच रिपोर्ट के बाद बगलामुखी मंदिर के महंत की मोहतमीम (मंदिर का रखवाला) की नियुक्ति पर भी तलवार लटक गई है। मोहतमीम की नियुक्ति डीसी करते हैं। जांच रिपोर्ट में लिखा है कि बगलामुखी मंदिर के महंत रजतगिरी डीसी कांगड़ा की ओर से जारी किए गए मोहतमीम नियुक्ति पत्र 226/SKJC दिनांक 22-10-2018 के पैरा नंबर 3 में दर्शाए गए आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। ऐसे में महंत की मोहतमीम की कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है। क्योंकि, मोहतमीम के नियुक्ति पत्र में साफ लिखा है कि अगर वह पत्र की शर्तों का निर्वहन सही ढंग से नहीं करेंगे तो डीसी कांगड़ा उन्हें पद से हटा सकते हैं।

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