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विस चुनाव: गुरमीत बेदी का दावा- हिमाचल में ग्रहों की चाल देगी कई दिग्गजों को झटका
Sat, 15 Oct 2022 05:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 15 Oct 2022 05:27 PM IST
सार
गुरमीत बेदी का दावा है कि चुनावी प्रक्रिया के बीच 25 अक्तूबर को इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगेगा। इसके 15 दिन बाद आठ नवंबर को चंद्रग्रहण भी होगा। 15 दिन के भीतर दो ग्रहण लगना शुभ नहीं है।
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ज्योतिष शोधार्थी और एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान रिसर्च पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में चुनावी बिगुल बज चुका है और 12 नवंबर को मतदान होना है। ग्रहों के गोचर की स्थिति के आधार पर वेदिक ज्योतिष गुरमीत बेदी ने अपने ज्योतिषीय विश्लेषण में कहा है कि ग्रहों की चाल दोनों प्रमुख दलों के कई दिग्गजों के लिए झटका देगी। नवग्रहों में देव गुरु का दर्जा हासिल बृहस्पति की उल्टी चाल कई दिग्गजों के समीकरण बिगाड़ेगी। 25 अक्तूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण दोनों दलों में भीतरघात भी करवाएगा और इसके 15 दिन के भीतर लग रहा चंद्र ग्रहण कुछ नेताओं के भविष्य पर ग्रहण लगा देगा।
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गुरमीत बेदी ने बताया कि 12 नवंबर को मतदान के दिन देव गुरु बृहस्पति वक्री अवस्था में होंगे। जबकि सूर्य अपनी नीच तुला राशि में बुध और केतु के साथ विराजमान होंगे, जहां त्रिग्रही योग बना होगा। मंगल मिथुन राशि में वक्री अवस्था में होंगे और शुक्र ग्रह वृश्चिक राशि में भ्रमण कर रहे होंगे। शनि मकर राशि में और राहु मेष राशि में संचार कर रहे होंगे। चुनावी प्रक्रिया के बीच 25 अक्तूबर को इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगेगा। इसके 15 दिन बाद आठ नवंबर को चंद्रग्रहण भी होगा।
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15 दिन के भीतर दो ग्रहण लगना शुभ नहीं है। कईयों के मंसूबों पर पानी फिरेगा। जिन नेताओं को शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है, उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गुरमीत बेदी ने बताया कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों को भीतरी असंतोष का सामना भी करना पड़ेगा। राजनीतिक तोड़फोड़ होगी। अधिकतर सीटों पर जीत हार का मार्जन बेहद मामूली रहने वाला है। तीसरी शक्ति सात-आठ सीटों को छोड़कर बाकी जगह कोई खास प्रभाव नहीं दिखा पाएगी। कुछ दिग्गज विधानसभा की दहलीज इस बार नहीं लांघ पाएंगे।
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