{"_id":"60ee9ff48ebc3ed83c701077","slug":"himachal-pradesh-commission-for-protection-of-child-rights-members-names-yet-not-updated-on-website","type":"story","status":"publish","title_hn":"अध्यक्ष तक का नाम अपडेट नहीं कर पाया बाल संरक्षण आयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अध्यक्ष तक का नाम अपडेट नहीं कर पाया बाल संरक्षण आयोग
Wed, 14 Jul 2021 01:58 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 14 Jul 2021 01:58 PM IST
सार
आयोग की वेबसाइट पर वर्ष 2016-17 की ही वार्षिक रिपोर्ट उपलब्ध है। इसके बाद के चार वर्षों में आयोग ने क्या किया, इसकी कोई रिपोर्ट नहीं है।
विज्ञापन
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
- फोटो : http://hpscpcr.hp.gov.in
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बच्चों के अधिकारों का संरक्षण करने वाले राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की वेबसाइट पिछले कई साल से अपडेट नहीं है। इस वेबसाइट पर कांग्रेस सरकार के दौरान आयोग की अध्यक्ष रहीं किरण धांटा और अन्य सदस्यों का कार्यकाल अभी भी चला हुआ है। आयोग की वेबसाइट पर पुरानी अध्यक्ष एवं सदस्यों का विवरण फोटो के साथ मौजूद है और उन्हीं के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं, जबकि जयराम ठाकुर सरकार ने वर्ष 2019 में आयोग का पुनर्गठन कर नई अध्यक्ष एवं सदस्यों का नामांकन किया था। नई अध्यक्ष वंदना योगी का नाम वेबसाइट पर अपडेट नहीं किया गया है।
विज्ञापन
आयोग की वेबसाइट पर वर्ष 2016-17 की ही वार्षिक रिपोर्ट उपलब्ध है। इसके बाद के चार वर्षों में आयोग ने क्या किया, इसकी कोई रिपोर्ट नहीं है। कानूनन ये वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को भेजना भी अनिवार्य होती है। आयोग ने पिछले दो वर्षों में कितने मामलों में हस्तक्षेप किया, कितने बच्चों को बचाया या उनके अधिकारों का संरक्षण किया, इन सवालों के जवाब अंधेरे में हैं। आयोग के पास पिछले वर्षों में कितनी शिकायतें आईं, उनकी कब-कब सुनवाई हुई और उन पर क्या फैसले किए गए।
विज्ञापन
वेबसाइट पर ऐसी सूचनाएं भी शेयर नहीं की गई हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा -चार में भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पब्लिक अथारिटी को अपनी अधिकतम जनोपयोगी सूचनाएं खुद सू-मोटो लेते हुए वेबसाइट पर डालनी चाहिए। इधर, आयोग की अध्यक्ष वंदना योगी ने बताया कि इस वेबसाइट को महिला एवं बाल कल्याण विभाग को ठीक करना है। इस संबंध में बार-बार रिमाइंडर भेजा जा रहा है। कोई आउटसोर्स का इश्यू होने के कारण अभी तक इसे अपडेट नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
आयोग के सचिव को भी दर्जे से कम बनाया
आयोग के अध्यक्ष और छह सदस्यों को सरकार नियुक्त करती है। राज्य बाल संरक्षण आयोग अधिनियम के अनुसार राज्य सरकार का एक ऐसा अधिकारी जिस का दर्जा सचिव से कम न हो, आयोग का सदस्य सचिव होता है। वर्तमान में निदेशक महिला एवं बाल कल्याण विभाग आयोग की सदस्य सचिव हैं, लेकिन उनका दर्जा विशेष सचिव का ही है।