फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal pradesh budget 2021 latest news: budget provisions for health and education

हिमाचल बजट: शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए हुईं ये घोषणाएं, जानें किस वर्ग को क्या मिला

Sat, 06 Mar 2021 09:08 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 06 Mar 2021 09:08 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश बजट 2021
सीएम जयराम ने पेश किया 50,192 करोड़ का बजट 
स्वास्थ्य, शिक्षा व बागवानी के लिए कई बड़ी घोषणाएं
 

विज्ञापन
himachal pradesh budget 2021 latest news: budget provisions for health and education
सीएम जयराम ने हिमाचल का बजट पेश किया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को वर्ष 2021-22 के लिए 50,192 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। प्रदेश के 268 स्कूलों और नौ कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय और स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय और महाविद्यालय योजनाओं का दायरा बढ़ा दिया है। इसके लिए 63 करोड़ के बजट का प्रावधान भी किया गया है। योजना में स्कूल-कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे। शिक्षकों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाएगा।

विज्ञापन


पानी, बिजली, पुस्तकालय, लेबोरेटरी और खेल मैदान की भी उचित व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को बजट भाषण के दौरान कहा कि प्रदेश के 100 स्कूलों को ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना में शामिल किया गया है। आसपास के स्कूलों में परस्पर सहयोग, संसाधनों के साझाकरण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूल क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया गया है। चार से 12 स्कूलों को जोड़कर एक स्कूल क्लस्टर बनाया जाएगा। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर हो जाएगी। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में क्लस्टर से शिक्षक भेजे जाएंगे।
विज्ञापन


स्कूल क्लस्टर बनाने से स्कूलों की कला, संगीत, खेल, व्यवसायिक विषयों, कंप्यूटर की शिक्षा और विषय से संबंधित शिक्षकों का आदान-प्रदान करना संभव होगा। पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल के मैदान, खेल उपकरण जैसी सुविधाएं साझा रूप से प्रयोग की जा सकेंगी।  उत्कृष्ट विद्यालय योजना में 68 स्कूलों और उत्कृष्ट महाविद्यालय योजना में नौ कॉलेजों को शामिल किया गया है। इन शिक्षण संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी। इन तीनों योजनाओं के लिए 63 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सरकार ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से 100 अन्य स्कूलों में भी सुविधाओं को बढ़ाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में होगी परीक्षा
कक्षा तीसरी, पांचवीं और आठवीं में विद्यार्थियों को स्कूल परीक्षा देना अनिवार्य होगा। परीक्षा परिणाम के अनुसार ही इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में भेजा जाएगा। अभी तक शिक्षा का अधिकार में इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जाता था। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के परिणामों का मूल्यांकन करने का फैसला लिया है।

आठ तकनीकी शिक्षण संस्थानों की जल्द मिलेगी सौगात

प्रदेश को इस वर्ष आठ तकनीकी शिक्षण संस्थानों की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि महात्मा गांधी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज कोटला के सिविल ब्लॅाक, मेकैनिकल इंजीनियरिंग कॉलेज ब्लॉक सुंदरनगर, आईटीआई कुमारसैन का ब्लॉक बी, आईटीआई अर्की में वर्कशाप ब्लॉक, आईटीआई भवन गंगथ, आईटीआई भवन करसोग, महिला राजकीय बहुतकनीकी संस्थान रैहन और बांदला स्थित हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण पूरा कर इन्हें जनता को समर्पित किया जाएगा। इनके निर्माण में करीब चार सौ करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से उत्तीर्ण अनुसूचित जाति के प्रशिक्षुओं को टूल किट के लिए उपदान दिया जा रहा है। अन्य वर्गों को भी टूलकिट की खरीद में अनुदान देने के लिए दिशा निर्देश बनाए जाएंगे।

बौद्धिक क्षमता बढ़ाने को शतरंज खेल को देंगे प्रोत्साहन
विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए शतरंज के खेल को प्रोत्साहित किया जाएगा। युवा छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए शिक्षा विभाग पायलट आधार पर विज्ञान, गणित तथा स्पोकन इंग्लिश में विशेष कोर्स आरंभ करेगा। आगामी वर्ष में विभिन्न माध्यमिक स्कूलों में सौ गणित लैब स्थापित की जाएंगी। 

हिमाचल में टॉप 100 छात्रवृत्ति योजना शुरू की जाएंगी
सरकारी स्कूलों में पांचवीं कक्षा के बाद 100 प्रतिभाशाली छात्रों का एससीईआरटी की ओर से चयन किया जाएगा। चयनित बच्चों को नियमित मूल्यांकन के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। सरकार ने बीते वर्ष की स्वर्ण जयंती सुपर सौ योजना को इस बार विस्तार दिया है।

स्कूली खेल प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों की डाइट मनी दोगुनी
शिमला। स्कूलों की खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की डाइट मनी को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। ब्लॉक स्तर पर डाइट मनी को 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये, जोनल और जिला स्तर पर 60 से बढ़ाकर 120, राज्य स्तर पर 75 से बढ़ाकर 150 प्रतिदिन प्रति छात्र कर दिया गया है।

ऑनलाइन भी मिलेगी मेधा प्रोत्साहन योजना में कोचिंग
मेधा प्रोत्साहन योजना में अब विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आफलाइन के साथ ऑनलाइन कोचिंग भी मिलेगी। सरकार ने इसके लिए पांच करोड़ के बजट का प्रावधान किया है।

मेधावियों को लैपटॉप का विकल्प देने पर होगा विचार
दसवीं, बारहवीं कक्षा सहित कॉलेज के करीब दस हजार मेधावियों को श्रीनिवास रामानुजम योजना में सरकार ने संशोधन करने का फैसला लिया है। इसके तहत मेधावियों को अब लैपटॉप का विकल्प देने की योजना बनाई जाएगी। इसके लिए 25 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। 
 

स्वास्थ्य के लिए 3016 करोड़ रुपये का प्रावधान

प्रदेश सरकार ने बजट में स्कूली बच्चों का भी खास ख्याल रखा है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की आंखों की जांच होगी। जिन बच्चों की नजर कमजोर होगी, सरकार उन्हें निशुल्क चश्मे उपलब्ध कराएगी। कोविड काल में बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई की है, इसमें कइयों की नजर कमजोर हुई है। ऐसे में सरकार की मिशन दृष्टि योजना को अच्छी पहल माना जा रहा है। 

यह योजना छठी से दसवीं तक के बच्चों के लिए शुरू की गई है, जिनकी संख्या ढाई लाख के करीब है।  हिमाचल में 23 मार्च, 2020 को कोरोना के मामले सामने आए थे। इसके चलते प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया। दो से तीन महीने बाद प्रदेश सरकार ने छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी। बच्चों ने मोबाइल पर पढ़ाई की। अभिभावकों ने अपने बच्चों के आंखों की जांच कराई और कइयों को चश्मे लगे हैं। 

पहली बार आईजीएमसी में लगेगी पैट स्कैन मशीन
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन मशीन लगाने का फैसला लिया है। इससे कैंसर के रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी, उन्हें राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही टांडा मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन और नाहन मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने का फैसला लिया है। इस पर 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शिमला के चमियाणा में 278 करोड़ की लागत से बन रहे सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल जनता को समर्पित होगा। आईजीएमसी में 103 करोड़ की लागत से ओपीडी ब्लॉक और 25 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले ट्रॉमा सेंटर इस वर्ष जनता को समर्पित किया जाएगा। 

मेडिकल कॉलेजों को 28 फीसदी अधिक बजट

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी, टांडा, नेरचौक, नाहन, हमीरपुर, चंबा और दंत कॉलेज शिमला में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए 772 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। पिछली साल की तुलना में यह 28 फीसदी अधिक है।  

70 साल से अधिक और अनाथ बच्चों को बिना अंशदान हिमकेयर का सुरक्षा कवच
हिमकेयर योजना में 1600 पैकेज शामिल हैं। वर्ष 2020-21 में 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी हिमकेयर के लाभार्थियों और अनाथ बच्चों, बाल आश्रमों में रह रहे लोगों को हिम केयर योजना में बिना अंशदान दिए शामिल किया जाएगा। आयुष्मान भारत, हिमकेयर, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष, निशुल्क दवाइयां, सहारा योजना, सम्मान योजना, निक्षय पोषण योजना अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर सरकार 2021-22 में 250 करोड़ से अधिक व्यय करेगी। 

ऑक्सीमीटर के माध्यम से निमोनिया की स्क्रीनिंग  
 हिमाचल में सार्वभौमिक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के तहत स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में ऑक्सीमीटर के माध्यम से निमोनिया की स्क्रीनिंग की जाएगी। पहले चरण में जिला चंबा और मंडी में इसे शुरू किया जाएगा। इसके अलावा मातृ एवं बाल देखभाल सुविधाओं को एकीकृत रूप से प्रदान किया  जाएगा। सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम टीमों को डिजिटल हीमोग्लोबिन मीटर उपलब्ध करवाए जाएंगे। 

मेडिकल कॉलेजों में स्थापित होंगे पोषण पुनर्वास केंद्र 
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कालेज में पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 


पीजी, जूनियर, सीनियर रेजिडेंट का मानदेय में 5000 रुपये बढ़ा
 प्रदेश सरकार ने पीजी छात्र, जूनियर और सीनियर रेजिडेंट, डीएम और एमसीएच छात्रों के मानदेय को पांच-पांच हजार बढ़ाने की घोषणा की है। प्रदेश में करीब साढ़े सौ ऐसे डॉक्टर है, जिन्हें इसका फायदा होगा। 

आशा वर्करों को 750 रुपये 
प्रदेश सरकार ने आशा वर्करों के मानदेय में 750 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान क्लीनिक तक तीसरी निर्धारित प्रसव पूर्ण जांच के लिए ले जाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस पर 2 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी।

प्रदेश में 143 आयुष वेलनेस सेंटर 
 प्रदेश सरकार ने हिमाचल में 143 आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने का फैसला लिया है। योग को बढ़ावा देने के लिए आयुष विभाग प्रशिक्षित योग मार्गदर्शकों का समूह तैयार करेगा जो निजी क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए उपलब्ध होंगे।

प्राकृतिक खेती से जोड़े जाएंगे 50 हजार किसान, मधुमक्खी बोर्ड होगा गठित

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सालाना बजट में किसानों-बागवानों को कई बड़े तोहफे दिए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बागवानी विकास के लिए 543 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने बजट भाषण में एलान किया कि प्रदेश के 50 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जोड़े जाएंगे। मधुमक्खी बोर्ड का भी गठन किया जाएगा। वर्ष 2021-22 के वार्षिक बजट में 1055 करोड़ की जाइका-दो परियोजना प्रदेश के 12 जिलों में चलेगी। अभी तक यह परियोजना जापान की वित्तीय मदद से पांच जिलों में चल रही है। दूसरा चरण वर्ष 2021-2022 से शुरू किया जाएगा।

विशेषज्ञ ग्रुप का गठन किया जाएगा, जो किसानों की आय दोगुना करने का सुझाव देंगे। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। किसानों की आय में वृद्धि के लिए साठ डीपीआर बनाना, किसान संघों से जुड़े किसानों को प्रशिक्षण देना भी शामिल है। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान और सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती 1 लाख 5 हजार 218 किसानों ने अपनाई है। पचास हजार नए किसान परिवारों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके लिए 20 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। कृषि उत्पाद संरक्षण एंटीहेल नेट के लिए बजट में वर्ष 2021-2022 में 60 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। उल्लेखनीय है कि  वर्ष 2017-18 में  एंटीहेल नेट के लिए मात्र 2.27 करोड़ का प्रावधान था।  पिछले तीन साल में इस योजना का दायरा बढ़ाया है।  इस बजट में  दस करोड़ रुपए अधिक का प्रावधान किया है।          

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एलान किया कि परंपरागत बीज संरक्षण के लिए स्वर्ण जयंती परंपरागत बीज संरक्षण एवं संवर्धन नई योजना शुरू की जाएगी। इससे पहाड़ी दालों, अनाज का बीज तैयार किया जाएगा। इसके लिए समूह बनेंगे। कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में अनुसंधान के लिए पांच करोड़ की राशि दी जाएगी। प्रदेश में तीन नई मंडियां मेंहदली, शिलारू और बंदरोल में बनेंगी। 20 मंडियों का विस्तार किया जाएगा। इन पर 200 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 

सीएम ने कहा कि 1000 करोड़ की विश्व बैंक की वित्तीय मदद से पांच लाख फलदार पौधे आयात किए जाएंगे। जरोल टिक्कर, रोहड़ू, ओडी, पतलीकूहल और टुटू पानी में कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे। एडीबी की 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद से बागवानी विस्तार किया जाएगा। स्वर्ण जयंती समृद्ध  बागवान योजना शुरू होगी। हिमाचल पुष्प क्रांति योजना  के लिए 11 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मिल्कफेड को 28 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा। दूध खरीद मूल्य में दो रुपये की वृद्धि होगी। 100 नई ट्राउट इकाइयां स्थापित होंगी। सजावटी मछली पालन को बढ़ावा देने को शिमला और कांगड़ा में एक-एक इकाई स्थापित होगी। 
 

नशा निवारण के लिए बनेगा फंड, महिलाओं को सिपाही व एसआई भर्ती में 25 फीसदी आरक्षण

हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार के खात्मे के लिए सीएम ने बजट में नशा निवारण के लिए अलग से फंड बनाने की घोषणा की है। इस फंड का इस्तेमाल समग्र नशा निवारण नीति के कार्यान्वयन में किया जाएगा। महिलाओं की पुलिस में सहभागिता व सुविधा के लिए भी मुख्यमंत्री ने दो अहम घोषणाएं की है। प्रदेश के 136 पुलिस थानों में सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जहां शिकायत दर्ज कराने के लिए आने वाली महिला को गंभीरता से मदद मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा पुलिस विभाग में होने वाली आरक्षी व उप निरीक्षक की सीधी भर्ती के पदों में महिलाओं के लिए आरक्षण को चरणबद्ध तरीके से 25 फीसदी तक ले जाने की भी घोषणा की।

पुलिस थानों में लगाए जाएंगे 757 नए सीसीटीवी
अपराध की रोकथाम और बेहतर निगरानी के लिए सभी पुलिस थानों में 757 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही पहले से लगे 651 सीसीटीवी कैमरों को अपग्रेड किया जाएगा। जिला मुख्यालयों में बने नियंत्रण कक्षों को आधुनिक बनाने और आपस में व राज्य मुख्यालय से जोड़ने पर नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

साइबर पुलिस के लिए भी प्रावधान
प्रदेश में लगातार बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए सीएम ने आवश्यक बजट का प्रावधान करने की घोषणा की है। सीएम ने कहा कि साइबर अन्वेषण की विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए सेवाओं का निरंतर उन्नयन जरूरी होता है। ऐसे में जरूरत के हिसाब से उन्हें बजट मुहैया कराया जाएगा।

13 करोड़ से खरीदे जाएंगे नए वाहन
कानून व्यवस्था में गतिशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया को और बेहतर करने के लिए नए वित्त वर्ष में पुलिस के सभी नाकारा वाहनों को हटाया जाएगा। उनकी जगह तेरह करोड़ से नए वाहन खरीदे जाएंगे। अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए तीन नए सब फायर स्टेशन, चार नए फायर पोस्ट स्थापित किए जाएंगे। सत्रह अग्निशमन वाहन भी खरीदे जाएंगे। पीटीसी डरोह, पुलिस चौकियों, थानों व आवास सुविधाओं के उन्नयन के लिए 50 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है।

 

एकीकृत कमांड सेंटर से नियंत्रित होंगी शिमला और धर्मशाला की शहरी सेवाएं 

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और दूसरी राजधानी धर्मशाला में विभिन्न शहरी सेवाओं को एकीकृत प्लेटफार्म के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सचिवालय में एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र की स्थापना की जाएगी।  मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के दौरान इसकी घोषणा करते हुए कहा कि कोरोना के दौरान ऑनलाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से सरकार काफी सेवाएं देने में सफल रही।  इससे सीख लेते हुए आगामी वर्षों में सरकारी सेवा निष्पादन की अधिकांश प्रक्रियाओं को डिजिटाइज कर और प्रभावी बनाया जाएगा। सीएम ने आगे कहा कि स्वर्ण जयंती संपर्क संकल्पके अंतर्गत प्रदेश की सभी पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय शहरी निकायों में साठ करोड़ रुपये की लागत से चरणबद्ध तरीके से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की जाएगी।

साथ ही सभी आईटीआई में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके अलावा हिमाचल ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध 65 सेवाओं को बढ़ाकर 80 किया जाएगा और इन्हें लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं निजी शैक्षणिक संस्थाएं नियामक आयोग के लिए निजी शिक्षा संस्थानों से संबंधित सूचना, प्रबंधन एवं निगरानी के उद्देश्य से मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। वहीं, केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य योजनाओं को भी पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम प्लेटफार्म पर लाया जाएगा। साथ ही सरकार द्वारा लाई जा रही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों के लिए एक लाभार्थी डाटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जाएगा जिससे लाभार्थियों के चयन में सुविधा होगी।

 पंचायती राज संस्थाओं को 657 करोड़ रुपए का अनुदान

पांचवें राज्य वित्तायोग की सिफारिशों के तहत वर्ष 2021-2022 में 248 करोड़ की अनुदान राशि पंचायती राज संस्थाओं को प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार से प्राप्त 409 करोड़ रुपए ग्रामीण विकास पर व्यय किए जाएंगे। राज्य की 102 निर्विरोध चुनी गई पंचायतों को प्रोत्साहन के लिए दस-दस लाख मिलेंगे। प्रदेश में कुल 412 नई पंचायतें गठित हुई हैं और अब कुल पंचायतें 3615 हैं। कांगड़ा, हमीरपुर, सोलन, मंडी और बिलासपुर में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए जिला स्तरीय संसाधन केंद्र बनेंगे। किन्नौर, सिरमौर और शिमला में निर्माण कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2021-2022 में कुल्लू और ऊना में संसाधन केंद्र का काम आरंभ कर दिया जाएगा। पंचायतों में एक छत के नीचे सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए कामन सर्विस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में 598 सेंटरों का निर्माण चला हुआ है। इन केंद्रों के लिए कुल 149 करोड़ की लागत आएगी। पंचवटी पार्क योजना के तहत 364 पंचायतों में भूमि का चयन कर लिया है। 180 स्थानों में काम आरंभ हो गया है। वर्ष 2021-2022 में कुल 100 स्थानों पर योजना के तहत पार्क बनाए जाएंगे।

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न विभागों ने करीब एक लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह गठित किए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5,500 स्वयं सहायता समूहों को 8.25 करोड़ का फंड और 1500 स्वयं सहायता समूहों को 7.50 करोड़ रुपए की सामुदायिक निवेश निधि प्रदान की जाएगी। इस पर 10 करोड़ का व्यय होना अनुमानित है। 100 स्वयं सहायता समूहों को कार्य आधार पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। तकनीकी शिक्षण संस्थानों और सरकारी विभागों में हिम ईरा रसोई (कैंटीन) आरंभ होगी। मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के तहत वर्ष 2021- 2022 में  एक हजार उम्मीदवारों को  धातु, लकड़ी और नक्काशी का प्रशिक्षण मिलेगा। स्वच्छ ग्रामीण भारत मिशन के तहत 100 सामुदायिक स्वच्छता परिसर, 16 प्लास्टिक कचरा प्रबंधन प्लांट, 12 गोवर्धन  परियोजनाएं स्थापित होंगी।  2400 गांवों में ठोस कचरा व तरल प्रबंधन की गतिविधियां शुरू होंगी। 250 बैंक सखी सुविधा प्रदान करने को अधिकृत किया जाएगा। 

खेल विभाग की घोषणाएं

प्रदेश सरकार 14.50 करोड़ से सुंदरनगर-सोलन में इंडोर स्टेडियम और माजरा में हॉकी एस्ट्रोटर्फ का निर्माण करवाएगी। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र जंजैहली, खेल मंत्री के गृह क्षेत्र नूरपुर सहित चंबा में इंडोर खेल परिसरों का निर्माण होगा। दत्तनगर, बिलासपुर, कंडाघाट में निर्माणाधीन खेल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी इसी वर्ष शुरू होंगी। मुख्यमंत्री युवा खेल प्रोत्साहन योजना इस वर्ष भी जारी रहेगी। इस पर 10.22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास का आधार है। स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाओं का नहीं होना न केवल युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक स्वरूप प्रदान करता है बल्कि उन्हें व्यस्नों से भी दूर रखता है

। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन को सुसंगत प्रशिक्षण योजना शुरू की जाएगी। खेल स्पर्धाओं के लिए आफ सीजन और समर सीजन खेल प्रशिक्षण शिविर होंगे। दत्तनगर, बिलासपुर और कंड़ाघाट में खेल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू होने से वॉलीबाल, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, फुटबाल, हाकी और कबड्डी को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि 15वें वित्तायोग की ओर से दी गई राशि का उपयोग पंचायतों में ओपन एयर जिम तथा रि क्रिएशन सेंटर में भी करें।

17050 हेक्टेयर भूमि में होगा पौधारोपण

 साल 2030 तक प्रदेश में वृक्ष आवरण को 30 प्रतिशत करने के लिए जारी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट में वित्त वर्ष 2021-22 में 14 हजार हेक्टेयर भूमि पर पौधे लगाने की घोषणा की है। पौधरोपण की नीति में सुधार कर प्रोत्साहत और निरुत्साहन को आधार बनाकर उत्तरजीविता दर को बेहतर करने और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा पूर्व राज्यत्व के 50 साल पूरे होने पर 68 स्वर्णिम वाटिकाएं विकसित की जाएंगी।

तीन बाह्य सहायता प्राप्त योजनाओं के अंतर्गत दो हजार हेक्टेयर भूमि से लैंटाना हटाने, तीन हजार हेक्टेयर में पौधारोपण व सात हजार हैक्टेयर में मृदा, संरक्षण और प्रबंधन कार्य किए जाएंगे। वहीं दो साल में 100 करोड़ रुपये की लागत से 300 जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे जिनमें हर बांध में करीब आठ से दस लाख लीटर पानी का संग्रह करने की क्षमता होगी। वहीं ऊंचे शुष्क क्षेत्रों लाहौल-स्पीति और किन्नौर में नए वित्त वर्ष  के दौरान 50  हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण किया जाएगा।

परिवहन निगम के लिए 377 करोड़ रुपये का प्रावधान, 200 बसें खरीदी जाएंगी

नीति आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने के लिए प्रदेश को लाइट हाउस स्टेट के रूप में चयनित किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि परिवहन निगम प्रदेश में 2020-21 में पुरानी बसों के स्थान पर इलेक्ट्रिक बसों सहित 200 नई बसें खरीदी जाएंगी। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम में क्षेत्रीय कर्मशाला, धर्मशाला और शिमला के ढली और लक्कड़ बाजार बस अड्डे को स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित किया जाएगा।  
 
मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना शुरू की है। इस योजना के तहत उन वाहन योग्य सड़कों पर, जहां बसों का संचालन नहीं है वहां 18 सीटों तक के छोटे वाहन चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्री एवं माल भार कर का प्रशासनिक नियंत्रण परिवहन विभाग को हस्तांतरित किया गया है, जो वाहन संबंधी समस्त करों का युक्किरण कर इन्हें हिमाचल में एकल मोटर वाहन कर व्यवस्था के तहत लाया जाएगा। वाहन मालिकों को एक ही छत के नीचे सुविधा मिलेगी। 
 

  • परिवहन निगम को बस अड्डों और कर्मशालाओं में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और उनके रखरखाव के लिए 15 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। 
  • पीपीपी मोड़ पर राज्य में चयनित स्थानों पर वाहनों की फिटनेस के लिए छह मोबाइल स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित होंगे
  • आधुनिक तकनीक युक्त ई चालान प्रणाली शुरू की जाएगी
  • जिला बिलासपुर, सोलन, मंडी, कांगड़ा में आधुनिक सुविधायुक्त ड्राइविंग टेस्ट, ट्रैक स्थापित किए जाएंगे
  • महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने को लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पेनिक बटन प्रणाली को कमांड एडं कंट्रोल से जोड़ेंगे।  

एक हजार नई सड़कें और 80 पुल बनेंगे

 हिमाचल सरकार ने सड़कों के रखरखाव के लिए 4502 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। प्रदेश में वर्ष 2021-22 में एक हजार नई सड़कों के साथ 80 नए पुल बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट भाषण में इसकी घोषणा की। 50 करोड़ से 140 किलोमीटर सड़कों पर डब्ल्यू मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। प्रदेश में पांच हजार किलोमीटर सड़कों की दशा सुधारी जाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-3 के तहत राशि स्वीकृत होने के बाद सरकार हिमाचल में 3125 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करेगी। 

वर्ष 2022 तक सरकार ने 34 हजार किमी सड़क को ब्लैक टॉप युक्त करने का लक्ष्य रखा था। पहले यह 30244 किमी सड़कों को ब्लैक टॉप युक्त किया जाता था। मुख्यमंत्री ने सड़कों के रखरखाव के लिए पांच हजार मल्टी टास्क वर्कर लगाने की घोषणा की है।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैंज-लुहरी-औट नेशनल हाईवे पर हर मौसम में यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जलोड़ी पास के नीचे 4 किलोमीटर डबललेन सुरंग की डीपीआर को अंतिम रूप दिया जाएगा। सतुलज, ब्यास और रावी नदियों पर लंबे पुलों का निर्माण होगा।  

ग्रीन नेशनल हाईवे को दिया जाएगा अंतिम रूप
शिमला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन नेशनल हाईवे के तहत 2020-21 में 105 किलोमीटर लंबे पांवटा साहिब-गुम्मा-फेडिज पुल की निविदाओं को अंतिम रूप देने का कार्य शुरू किया जाएगा। 110 किमी लंबी हमीरपुर-मंडी-सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए अवार्ड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एनएचएआई की ओर से पांच राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 785 किमी के फोरलेनिंग का कार्य शुरू हो गया है। शिमला-मटौर सड़क प्रोजेक्ट के लिए ज्वालामुखी से कांगड़ा सेक्शन तक, पठानकोट-चक्की-मंडी सड़क के प्रथम पैकेज पंजाब- हिमाचल सीमा से सिहूनी सेक्शन के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली हैं। कीरतपुर-नेरचौक पर 31 किमी और टकोली-कुल्लू उच्च मार्ग पर 30 किमी फोरलेन का काम पूरा होगा। 

सड़क सुविधा से जुड़ेंगी नई पंचायतें  
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हालही में प्रदेश सरकार ने नई पंचायतें गठित की है। इन पंचायतों में जहां सड़कें नहीं है उन्हें सड़कें से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा पहले से बची 10 नई पंचायतों को भी सड़क से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छूट गए गांव व बस्तियों को 75 करोड़ की लागत से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क निधि के तहत 641 करोड़ की लागत से 27 कार्यों का मंजूरी प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्रेषित किया जाएगा। 

विश्व बैंक की सहायता से 650 किमी सड़कें डबल लेन में होंगी परिवर्तित 
शिमला। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक की सहायता से राज्य सड़क परिवर्तन परियोजना में तीन चरणों 650 किलोमीटर लंबी सड़कों का मध्यवर्ती व डबल लेन में उन्नयन किया जाएगा। इसके साथ ही 1350 किमी लंबी सड़कों का रखरखाव व सुधार होगा। प्रथम चरण में बरोटीवाला-बद्दी-साई-राम शहर सड़क, दधोल-लदरौर, रघुनाथ पुरा-मंडी-हरपुरा-भराड़ी सड़क, मंडी - रिवालसर सड़क को मध्यवर्ती व डबल लेन किया जाएगा।  

आठ जिलों में बाईपास सड़कें बनेंगी
एचपीआरआईडीसी के तहत शहरी सड़कों के सुधार के लिए आठ जिलों बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, सोलन, सिरमौर और ऊना में बाईपास सड़क का निर्माण होगा। गलियों का सौंदर्यीकरण, जंक्शन सुधार पर भी काम होगा। 

ग्रीन बिल्डिंग पहल गृह काउंसिल के साथ होगी शुरू
 स्वर्ण जयंती के अवसर पर ग्रीन बिल्डिंग पहल को गृह काउंसिल के साथ शुरू किया जाएगा जो देश की ग्रीन बिल्डिंग रेटिंग बॉडी है। इससे प्रदेश में 200 सरकारी भवनों को गृह रेटिंग सिस्टम पर रेट किया जाएगा। इसी के साथ ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड के सहयोग से भवनों प्रकाश, ताप उपकरण स्थापित होंगे।  
 

साठ करोड़ खर्च कर सामाजिक सुरक्षा पेंशन में जुड़ेंगे 40 हजार नए लाभार्थी

 हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2021-22 के दौरान 40 हजार अतिरिक्त लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी। इस पर साठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री बजट भाषण में बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में अब कुल 6.60 लाख लोग आएंगे। सरकार इस पर 1050 करोड़ खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों को दो लड़कियों तक 12 हजार रुपये की पोस्ट बर्थ ग्रांट दी जा रही है। इन्हें छात्रवृत्ति भी मिलती है। इन दोनों सहायताओं को एकीकृत कर दिया गया है। अब 21 हजार रुपये की पोस्ट बर्थ ग्रांट फिक्स डिपॉजिट के रूप में बेटी के जन्म पर दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था का लाभ उन वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा, जिनके परिवार में किसी अन्य व्यक्ति को सरकारी सेवा की पेंशन न मिल रही हो अथवा जो संपन्न वर्ग से संबंध न रखते हों।

उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। अटल पेंशन योजना के तहत असंगठित वर्ग के अंशदायियों को सरकार की ओर से दिए जाने वाले 50 प्रतिशत अंशदान, अधिकतम दो हजार रुपये तक को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाया गया था। अब वर्तमान लाभार्थियों और नए लोगों को अटल पेंशन योजना के लाभ को 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया है। योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल को जिला मुख्यालयों पर क्रैच सुविधा दी जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए मशोबरा में आगामी वर्ष में पे और स्टे आधार पर आदर्श वरिष्ठ नागरिक होम खोला जाएगा।


 

नवगठित शहरी निकायों और नए शामिल क्षेत्रों में तीन साल तक कोई टैक्स नहीं

प्रदेश में नवगठित शहरी निकायों व नए शामिल क्षेत्रों में 3 साल के लिए कोई संपत्ति टैक्स नहीं लगेगा। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में सोलन, पालमपुर और मंडी नगर निगम के लिए एक-एक करोड़ रुपये और नई बनीं नगर पंचायतें शाहपुर, अंब, आनी, निरमंड, चिड़गांव, नेरवा और कंडाघाट को 20 -20 लाख रुपये  देने की घोषणा की है। सभी शहरी स्थानीय निकायों को ओडीएफ प्लस स्तर पर प्रमाणित कराया जाएगा। 15 शहरी निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस के रूप में प्रमाणित कराने, स्टार रेटिंग गारबेज फ्री सिटी 2021 के तहत एक स्टार और शिमला, धर्मशाला, मंडी को 5 स्टार के रूप में प्रमाणित करने का लक्ष्य रखा है। 

63 करोड़ की लागत से यह काम होंगे
शिमला की अश्वनी खड्ड पर 12 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, टुटू के लोगों के लिए 12 करोड़ की लागत से ट्रीटमेंट प्लांट, लालपानी में 2.5 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता वाला फीकल स्लग ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। नगर निगम के वार्डों में 24 घंटे पानी मुहैया होगा। 


इन कार्यों पर खर्च होंगे 258 करोड़ 
संजौली से आईजीएमसी सड़क, आईजीएमसी स्थिति पार्किंग, बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर, कृष्णानगर में स्मार्ट स्कूल का निर्माण होगा।  

नक्शों में मानव हस्तक्षेप होगा कम
ईज आफ डुइंग बिजनेस सुधार के तहत भवनों के नक्शों की स्वीकृतियां प्रदान करने के लिए आटो डीसीआर (साफ्टवेयर) को शहरी निकाय और प्लानिंग क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इसमें मानव हस्तक्षेप कम होगा। 

छावनी बोर्ड को मिलेगा पैसा
राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार 163 करोड़, केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिश पर 161 करोड़ की अनुदान राशि शहरी निकाय और छावनी बोर्ड को प्रदान की जाएगी।  



 

बजट आंकड़ों की जुबानी

वित्तीय वर्ष 2021-22 
कुल बजट  : 50192 
कुल प्राप्तियां : 50150 
कुल व्यय   : 50192
राजस्व प्राप्तियां : 37028 
राजस्व व्यय : 38491 
पूंजीगत व्यय : 11701 
पूंजीगत प्राप्तियां : 11772 
पब्लिक एकाउंट जीपीएफ प्राप्तियां : 1350 करोड़
अपने टैक्स से आमदनी : 9282 
गैर कर आमदनी : 2757 
मार्केट लोन : 8960 
केंद्रीय करों में हिस्सा : 5524 
केंद्र से ग्रांट इन एड 19468 
नाबार्ड से कर्ज : 700 
वेज एंड मीन्स : 2000 
गैर कर प्राप्तियां : 41 
अन्य प्राप्तियां : 71 
वेतन पर व्यय : 12,704 
पेंशन पर व्यय : 7082 
ब्याज का भुगतान : 5018 
जीआईए वेतन व्यय : 1487 
सब्सिडी पर खर्च : 1081 
रखरखाव पर खर्च :3169 
ऊर्जा व्यय : 474 
जीआईए एनएस-कैपिटल 2827  
पूंजीगत व्यय  11701
मुख्य कार्य  5618  
लोक कर भुगतान 3334 
वेज एंड मीन्स 2000 
लोन एंड एडवांस 354 
अन्य : 395

अगले साल गर्मियों से पहले शुरू होगा धर्मशाला-मेक्लोडगंज रोपवे

अगले साल गर्मियों से पहले धर्मशाला-मेक्लोडगंज रोपवे जनता के लिए उपलब्ध हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि धर्मशाला शहर के समीप सरकारी भूमि उपलब्ध है। इस पर निजी पर्यटक बसों के लिए पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। मंडी में शिव धाम योजना के दूसरे चरण में 12 ज्योर्तिलिंग, सड़क और पार्किंग सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 150 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का अनुमान है। 2021-22 में 40 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि युवाओं को पर्यटन से जोड़ने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक हजार युवाओं को टूरिस्ट गाइड, पर्वतारोहण, साहसिक खेल गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पर्यटन में निजी क्षेत्र में कार्य कर रहे कर्मियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। सभी इच्छुक होम स्टे इकाइयों को प्रचार-प्रसार और ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के लिए पर्यटन विकास निगम और पर्यटन विभाग की वेबसाइट से जोड़ा जाएगा। अटल टनल रोहतांग देखने आने वाले सैलानियों के लिए पार्किंग, बिक्री केंद्र और ठहरने की सुविधा दी जाएगी।

टनल के दोनों ओर प्रतिकूल और अनियोजित विकास को नियंत्रित करने के लिए नगर एवं ग्राम योजना विभाग एक विस्तृत योजना बनाएगा। ग्रामीण पर्यटन को बल देने के लिए 2021-22 में पहले चरण में 15 स्थानों को, गैर जनजातीय जिलों में एक-एक और प्रत्येक जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्र में एक-एक स्थान को पर्यटक आकर्षण हब के रूप में विकसित किया जाएगा। पर्यटन निगम के एक होटल में आयुर्वेदिक वैलनेस केंद्र तथा एक होटल को डेस्टिनेशन वेडिंग लोकेशन के रुप में विकसित किया जाएगा। 

218 करोड़ से बन रही यह परियोजनाएं इस साल होंगी समर्पित
इस वर्ष 218 करोड़ की लागत से तैयार की जा रही परियोजनाओं को भी जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इसमें सांस्कृतिक केंद्र बड़ागांव मनाली,  सांस्कृतिक केंद्र जंजैहली, विजय हाई स्कूल मंडी का जीर्णोद्धार, कनवेंशन सेंटर मंडी, धर्मशाला और क्यारीघाट, पार्किंग ज्वालामुखी, चामुंडा मंदिर परिसर कांगड़ा का जीर्णोद्धार, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर कांगड़ा, आर्टिफिशल क्लाइमबिंग वॉल मनाली, लाइट एंड साउंड शो शिमला, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर भलेई माता चंबा, पैराग्लाइडिंग सेंटर बीड़ बिलिंग, हाटेश्वरी मंदिर सौंदर्यीकरण शिमला और शिमला, कांगनीधार, रामपुर और बद्दी में हैलीपोर्ट शामिल हैं।

पर्यटन क्षेत्र पटरी पर लाने को चलेगा विशेष अभियान
 पर्यटन को कोविड 19 से पूर्व की स्थिति में लाने के लिए एक मल्टी मीडिया पब्लिसिटी अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्थानीय आकर्षणों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

लाहौल-स्पीति बनेगा इको टूरिज्म का हब
अटल टनल रोहतांग बनने के बाद सरकार ने लाहौल स्पीति को इको टूरिज्म हब के तौर पर विकसित करने का फैसला लिया है। सिस्सू में पर्यटक सूचना केंद्र, संस्कृति और साहसिक खेल केंद्र का निर्माण किया जाएगा। उदयपुर, जिस्पा और काजा में वे साइड सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। लाहौल में नई स्कीइंग साइट का चयन किया जाएगा। आइस स्केटिंग रिंक स्थापित किया जाएगा। स्पीति में आईस हाकी को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्थानीय युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

तीन लाख घरों को जल जीवन मिशन से नल मिलेंगे

 राज्य के बजट में वर्ष 2021-2022 में 3 लाख घरों को जल जीवन मिशन से नल मिलेंगे। किन्नौर, लाहौल स्पीति और ऊना जिलों में सभी घरों में नल लगाए गए हैं। सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर में सभी घरों में नल लगाने का लक्ष्य है। 740 करोड़ रुपए से 24 पेयजल योजनाएं से 3154 बस्तियां लाभांवित होंगी। एडीबी से 903 करोड़ की वित्तीय मदद से 187 योजनाओं से 77 हजार घर लाभांवित होंगे।

पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं के संचालन को बिजली के लिए 604 करोड़ का प्रावधान है। पांवटा में सौर परियोजनाओं का निर्माण किया जाना है। 166 चिन्हित  ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से निर्मित मल शोधन संयंत्रों से जोड़ा जाएगा। नौ नई जल परीक्षण प्रयोगशाला  स्थापित की जाएगी। पायलट आधार पर  चार मल निकासी योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों  के लिए 564 करोड़ का प्रावधान किया है। विधायक प्राथमिकता में मल निकासी   परियोजना को नाबार्ड से मदद मिलेगी।

विधायक प्राथमिकता योजनाओं की सीमा 135 करोड़ की

विधायक प्राथमिकता योजना की वर्तमान सीमा को 120 से बढ़ाकर 135 करोड़ रुपये किया जाएगा। विधायक क्षेत्र विकास निधि को भी 1.75 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 करोड़ रुपये किया गया है। एक अप्रैल 2021 के बाद मंत्रियों, विधायकों के पूरे वेतन और मानदेय को भी बहाल करने का निर्णय लिया गया है। कोरोना काल में जिसमें एक साल के लिए कटौती की गई थी। योजना विभाग का नाम भी बदलकर नीति विभाग किया गया है।

अधिकारियों को हर साल देना होगा संपत्ति का ब्योरा
हिमाचल में क्लास वन और क्लास टू अधिकारियों को अपनी संपत्ति का ब्योरा अनिवार्य रूप से ऑनलाइन भरना होगा। जिले में स्वर्ण जयंती जिला इनोवेशन फंड स्थापित होगा। जिला स्तर पर सुशासन के लिए उपायुक्तों में प्रतिस्पर्धा होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed