Himachal Politics: कंगना रणौत बोलीं- हिमाचल में कांग्रेस की अधर्मी सरकार को हटाने का समय आ गया
कंगना रणौत ने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू यह बयान देते हैं कि उन्होंने हिंदुत्ववादी प्रदेश में अपनी सरकार को स्थापित किया है। इससे ही स्पष्ट हो जाता है कि उनकी हिंदुत्व को लेकर क्या सोच है।
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हिमाचल प्रदेश के संसदीय क्षेत्र मंडी से भाजपा प्रत्याशी कंगना रणौत ने कहा कि अब हिमाचल से कांग्रेस सरकार को हटाने का समय आ गया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार को अधर्मी सरकार की भी संज्ञा दी। उन्होंने नाचन विस क्षेत्र के चैलचौक में जनसभा के दौरान आक्रामक रुख दिखाया और कांग्रेस को निशाने पर लिया। इससे पहले उन्होंने रोड शो किया। कंगना ने मंडी जिला के बड़ा देव कमरुनाग के जयघोष से भाषण शुरू करते हुए कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू यह बयान देते हैं कि उन्होंने हिंदुत्ववादी प्रदेश में अपनी सरकार को स्थापित किया है। इससे ही स्पष्ट हो जाता है कि उनकी हिंदुत्व को लेकर क्या सोच है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। कहा कि देश में सिर्फ एक ही गारंटी चल रही है और वह है मोदी की गारंटी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने मंडी के एयरपोर्ट और शिवधाम को बंद करके जिले के लोगों से धोखा किया है। इस अवसर पर उन्होंने पहाड़ी लहजे में जनता से संवाद किया और बतौर सांसद जनता की सेवा करने का वचन दिया। उनके साथ पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे।
राज परिवार की गलतफहमी दूर करने का समय आया : जयराम
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज परिवार के लोग कहते हैं कि मंडी संसदीय क्षेत्र हमारा है और यह सीट हमारी है तो इस गलतफहमी को दूर करने का समय नजदीक आ गया है। वहीं, उन्होंने विक्रमादित्य सिंह पर भी तंज कसा। पूर्व सीएम ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह लोकसभा चुनाव लड़ें, उनका स्वागत है। मगर एक बार सोच लें, यह कोई साजिश तो नहीं है। मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र के चैलचौक में शनिवार को जनसभा को संबोधित करते हुए जयराम ने कहा कि हिमाचल में सरकार है ही नहीं। राज्यसभा चुनाव के साथ ही सरकार गिर गई है। उन्होंने सुक्खू सरकार पर आरोप लगाया कि आपदा में केंद्र से मिले 1800 करोड़ चहेतों को बांटे, लेकिन जिनके घर, जमीन और बगीचे चले गए, उन्हें कुछ मिला ही नहीं।
भीड़ के बीच अचानक गिर पड़े जयराम
कहा कि आपदा में सरकार ने पैसा बांटा, वह जांच का विषय है। पूर्व सीएम ने कहा कि आपदा के समय वह ट्रैक्टर पर बैठकर प्रभावित लोगों के घर द्वार हाल जानने गए। मंडी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी शिमला से आ रहे हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी का घर मंडी और मनाली में है। चैलचौक में भाजपा प्रत्याशी कंगना के साथ पैदल चलते हुए भीड़ के बीच अचानक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर रेत पर फिसलकर गिर पड़े। हालांकि सुरक्षा कर्मियों और अन्यों ने उन्हें तुरंत उठाया। उनके गिरने से अचानक सभी रुक गए और उनका हालचाल पूछने लगे। वहीं, भीड़ के चलते कंगना की सुरक्षा भी बेहद सख्त रही। हालात यह रहे कि स्थानीय विधायक विनोद कुमार को भी सुरक्षा कर्मियों ने साथ चलने से रोक दिया।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम मामले में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर फिल्मी संगत की रंगत चढ़ गई है। वह तथ्य भी भूल गए हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल किया। हिमाचल प्रदेश अपने मूल स्वरूप में पुरानी पेंशन को बहाल करने वाले देश का पहला राज्य बना। जबकि अब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कर्मचारियों को गुमराह करने के लिए तथ्यहीन बातें कर रहे हैं। शनिवार को जारी बयान में चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा की प्रत्याशी पुरानी पेंशन स्कीम के वजूद को ही नकार रही हैं और बार-बार यह कह रही हैं कि कांग्रेस ने तो ओपीएस दी ही नहीं।
जबकि राज्य सरकार ने मंडी जिला के एक हजार से अधिक रिटायर्ड कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दे दिया है। जिले में काम कर रहे 22 हजार से अधिक कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में लाकर उनका भविष्य सुरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जयराम ठाकुर अपने तथ्य भी ठीक करें और भाजपा प्रत्याशी का ज्ञानवर्धन भी करें। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर पुरानी पेंशन को लागू करने का फैसला भाजपा का है, तो राजस्थान में भाजपा सरकार बनते ही कांग्रेस सरकार के समय दी गई पुरानी पेंशन को दोबारा बंद क्यों कर दिया गया है। सीएम रहते हुए जयराम ने अपने कार्यकाल के दौरान पुरानी पेंशन मांगने पर कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की चुनौती दी। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारी जयराम ठाकुर की उन अपमानजनक बातों को भूले नहीं हैं।