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ये है मंदिरों के लिए पुलिस का नया सिक्योरिटी प्लान
उषा नेगी/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 17 Jul 2014 12:23 PM IST
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देवभूमि हिमाचल में मंदिरों की बढ़ती चोरियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने कुछ नए कदम उठाए हैं। राज्य के 859 मंदिरों को उनके ऐतिहासिक महत्व, मान्यता, संपत्ति और मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर इन्हें श्रेणीबद्ध किया गया है।
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इन मंदिरों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी ए में अतिमहत्वपूर्ण 158 मंदिरों को रखा गया है। बी श्रेणी में 133 और सी में 568 मंदिरों को स्थान दिया गया है। इस तरह प्रदेश पुलिस विभाग के पास 859 मंदिरों की सभी तरह की जानकारी उपलब्ध है।
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इन मंदिरों की कमेटियों के पास कितनी संपत्ति है, किस तरह की संपत्ति है और इन मंदिरों की मान्यताओं से संबंधित हर जानकारी संबंधित थानों में उपलब्ध है। इन मंदिरों की सुरक्षा को लेकर सभी एसपी को निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। श्रेणियों के हिसाब से इनकी सुरक्षा के इंतजाम भी सुनिश्चित करने होंगे।
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श्रेणीबद्ध किए इन मंदिरों के पुख्ता सुरक्षा इंतजाम की स्थिति देखने को संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को निश्चित समय पर मंदिरों का दौरा भी करना होगा। पुलिस मुख्यालय से इनकी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी हो चुके हैं। रोहडू के बौंद्रा देवता के मंदिर में हुई करोड़ों की चोरी के बाद विभाग ने मंदिरों की सुरक्षा की समीक्षा की थी।
कुछ अहम निर्देश
- मंदिर कमेटियां मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाएं।
- मंदिर की मूल्यवान वस्तुओं की सूची बनाएं और फोटो खींच कर रखें।
- सुरक्षा के मद्देनजर अलार्म लगाएं और सुरक्षा गार्ड नियुक्त करें।
- कमेटियां चाहें तो सुरक्षा गार्ड पुलिस जवानों से ट्रेनिंग ले सकते हैं।