हिमाचल पुलिस ने एक माह में ढूंढ निकाले 414 लापता लोग
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हिमाचल पुलिस ने 1 से 31 अगस्त तक बीच विशेष अभियान चलाकर प्रदेश भर में 414 लापता व्यक्तियों को ढूंढ निकाला। इस अभियान के लिए 39 गैर सरकारी संगठनों, 38 हेड कांस्टेबल, 89 कांस्टेबल, 46 लेडी कांस्टेबलों और 14 गृह रक्षकों सहित विभिन्न मंडल स्तरों पर खोजी टीमों का गठन किया गया। टीमों ने 994 आश्रय घरों, प्लेटफार्मों, बस स्टैंड, धार्मिक स्थानों का दौरा किया और बच्चों सहित 615 व्यक्तियों की जांच की।
इस दौरान गुमशुदा चल रहे 111 पुरुष, 252 महिला, 27 लड़कियां और 24 लड़कों समेत कुल 51 बच्चों को ढूंढकर परिजनों के हवाले कर दिया। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान सबसे ज्यादा मंडी जिले में 70 लापता लोगों का पता लगाया गया। सिरमौर में 62, शिमला में 59 और कुल्लू में 50 लापता व्यक्तियों का पता लगाया गया है।
पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष का विशेष अभियान सबसे सफल रहा। साल 2017 में 210, 2018 में 252 और 2019 में 365 लापता व्यक्तियों का पता लगाया गया था। वर्तमान में सबसे अधिक कुल्लू में 221, मंडी में 207 और बद्दी में 194 लोग लापता हैं। 2008 से 31 जुलाई 2020 तक 18571 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई। इनमें से 16958 का पता लगाया जा चुका है।
यहां भी उपलब्ध है गुमशुदा बच्चों का डाटाबेस
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय पोर्टल ट्रैक चाइल्ड विकसित किया है। इसमें न केवल लापता बच्चों का ब्योरा दर्ज है, बल्कि विभिन्न बाल देखभाल संस्थानों में सेवाओं के लाभार्थी बच्चों की प्रगति की निगरानी के लिए एक लाइव डाटाबेस और ब्योरा भी उपलब्ध है।
खोया-पाया पोर्टल और मोबाइल एप गुमशुदा बच्चों की रिपोर्ट करने के लिए एक नागरिक ट्रैक चाइल्ड पोर्टल है जो पुलिस स्टेशन में बिना शिकायत दर्ज करवाये लापता बच्चों को ढूंढने में मदद करता है।