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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal Police Constable recruitment paper was leaked by an employee of Delhi's printing press, chargesheet filed against 91

HP Constable Paper Leak Case: दिल्ली के प्रिंटिंग प्रेस के एक कर्मचारी ने लीक किया था पुलिस भर्ती का पेपर, 91 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Sun, 03 Jul 2022 11:07 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 03 Jul 2022 11:07 AM IST
सार

 पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर लीक मामले में 70 अभ्यर्थियों और 20 दलालों समेत 91 लोगों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।  इसकी पुष्टि मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख मधुसूदन शर्मा ने की है। 

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himachal Police Constable recruitment paper was leaked by an employee of Delhi's printing press, chargesheet filed against 91
constable recruitment paper leak - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर दिल्ली के प्रिंटिंग प्रेस के एक कर्मचारी (पेपर कटर) सुधीर ने लीक किया था। गगल पुलिस थाना की ओर से कांगड़ा कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में इसका जिक्र किया गया है। शुक्रवार को 70 अभ्यर्थियों और 20 दलालों समेत 91 लोगों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। पेपर देने वाले एक अभ्यर्थी के पिता को भी इसमें आरोपी बनाया गया है। इसकी पुष्टि मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख मधुसूदन शर्मा ने की है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने के बाद इसका प्रेस नोट भी जारी किया। मधुसूदन के अनुसार चार्जशीट में एनसीआर (दिल्ली) में स्थित प्रिंटिंग प्रेस के पेपर कटर सुधीर को मास्टरमाइंड बताया है।

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इसमें बताया गया है कि सुधीर ने बिहार में अपनी जान-पहचान वाले को पेपर व्हाट्स पर भेज दिया। इसके बाद यह पेपर कई गिरोहों के हाथ लग गया, जिसके बाद दलालों ने पेपर को तीन लाख से आठ लाख रुपये तक बेचा गया।  गौर हो कि पुलिस कांस्टेबलों के 1,334 पदों की भर्ती के लिए 27 मार्च को लिखित परीक्षा हुई थी। 5 अप्रैल को परिणाम घोषित हुआ। प्रदेशभर में 81 परीक्षा केंद्रों में पेपर हुआ था। अमर उजाला ने 5 मई को पेपर लीक होने का मामला उजागर किया था। इसके बाद 6 मई को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परीक्षा रद्द कर मामले की जांच के लिए पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कांगड़ा से ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामला उजागर होने के बाद प्रदेश और बाहरी राज्यों से कई आरोपी गिरफ्तार हुए। 
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आरोपियों से बरामद किया था नकदी और अन्य सामान 
 1. 10,34,900 रुपये (भारतीय मुद्रा), 6,000 रुपये (नेपाली मुद्रा)
2. पांच कारें, 137 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, एक डीवीआर, 10 हार्ड डिस्क, एक पेन ड्राइव, तीन मेमोरी कार्ड, एक जियो फाई
3. एजेंटों के पास अभ्यर्थियों के दसवीं और बारहवीं के प्रमाण पत्र मिले
4. एक अकाउंट पासबुक, दो चेकबुक, तीन पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, दो आधार कार्ड की फोटोकॉपी, सात डेबिट कार्ड, एक हाजिरी रजिस्टर और एक रद्दी 

रजिस्टर
5. एक विजिटर रजिस्टर, विजिटर रजिस्टर की फोटोकॉपी
6. एक डायरी, हवाई टिकटों की फोटोकॉपी, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट, एक डिजिटल घड़ी

सीबीआई जांच नहीं होने का मुद्दा बना रहा है विपक्ष
पेपर लीक मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लिखित परीक्षा रद्द कर दी थी। विपक्ष का दबाव बनने के बाद मुख्यमंत्री ने मई में मामले की सीबीआई जांच कराने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक सीबीआई जांच शुरू नहीं हुई। सीबीआई जांच की घोषणा के बीच पुलिस जांच करती रही और अब चार्जशीट भी दाखिल कर दी। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है कि मामले की सीबीआई जांच के मामले में गुमराह किया गया। सरकार ने जानबूझकर मामले की सीबीआई जांच नहीं करवाई। 

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