फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Police Advisory: Vigilance, Prudence, and Immediate Reporting to Guard Against Cyber Fraud.

हिमाचल पुलिस एडवाइजरी: साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता, समझदारी और तुरंत शिकायत जरूरी

Sat, 23 May 2026 12:03 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 23 May 2026 12:03 PM IST
सार

हिमाचल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर के अनुसार जनजागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

विज्ञापन
Himachal Police Advisory: Vigilance, Prudence, and Immediate Reporting to Guard Against Cyber Fraud.
साइबर अपराध। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में डिजिटल संपर्क और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। लोग साइबर ठगी का शिकार न हों, इसके लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी फर्जी केवाईसी अपडेट, बैंकिंग धोखाधड़ी कॉल, व्हाट्सऐप हैकिंग, एपीके मैलवेयर लिंक, क्यूआर कोड ठगी, स्क्रीन साझा करने वाले अनुचित प्रयोग, फर्जी निवेश मंच, सामाजिक माध्यमों पर पहचान की नकल तथा एआई आधारित नकली आवाज और वीडियो कॉल के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। हिमाचल पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर के अनुसार जनजागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

विज्ञापन
Trending Videos

 अधिकांश साइबर ठगी केवल सावधानी, जागरूकता और समय पर सत्यापन से रोकी जा सकती है। उन्होंने लोगों से किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन प्रस्ताव पर घबराने से बचने, गोपनीय जानकारी साझा न करने और किसी भी साइबर घटना की स्थिति में तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचित करने की अपील की। अपराधी मानसिक दबाव और घबराहट का फायदा उठाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे हैं। कई मामलों में पढ़े-लिखे और डिजिटल रूप से जागरूक लोग भी जल्दबाजी, डर या जानकारी के अभाव में साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रिश्तेदारों या परिचितों के नाम पर हो रही आर्थिक ठगी

साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल अनुशासन, जिम्मेदार स्मार्टफोन उपयोग और जनजागरूकता से जुड़ा विषय बन चुका है। राठौर ने लोगों को फर्जी बैंक, पुलिस, कुरिअर सेवा या सरकारी एजेंसी बनकर आने वाली कॉल से सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही व्हाट्सएप, संदेश सेवा या सामाजिक माध्यमों के जरिये भेजी जाने वाली एपीके फाइल और संदिग्ध लिंक डाउनलोड न करने को को लेकर भी आगाह किया है। साइबर विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि स्क्रीन साझा करने वाले अनुचित प्रयोगों के जरिये साइबर ठग मोबाइल बैंकिंग तक पहुंच बना सकते हैं। इसी तरह कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) आधारित नकली आवाज और वीडियो तकनीक का उपयोग कर रिश्तेदारों या परिचितों के नाम पर आर्थिक ठगी की जा रही है।

विज्ञापन

फर्जी निवेश योजनाओं से भी बचने की सलाह

लोगों को दोगुना पैसा, उच्च लाभ निवेश और गारंटी लाभ जैसे दावों वाली फर्जी निवेश योजनाओं से भी बचने की सलाह दी गई। क्यूआर कोड स्कैन करते समय पूरी सावधानी बरतने और फर्जी ग्राहक सेवा नंबरों से सतर्क रहने को कहा गया। सुरक्षा उपायों के तहत केवल आवश्यकता होने पर ही लोकेशन चालू रखने, व्हाट्सएप समूह गोपनीयता सेटिंग सुरक्षित रखने, अनजान वीडियो कॉल और स्क्रीन साझा करने के अनुरोध से बचने तथा ब्लूटूथ, एनएफसी और हॉटस्पॉट उपयोग के बाद बंद रखने की सलाह दी गई।

ठगी या संदिग्ध कॉल 1930 पर करें संपर्क

किसी भी साइबर ठगी या संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर सहायता नंबर 1930 पर देने को कहा गया। इसके अलावा व्हाट्सएप, जीमेल, सामाजिक माध्यम और बैंकिंग अनुप्रयोगों में दो-स्तरीय सत्यापन सक्रिय रखने, जुड़े उपकरणों की नियमित जांच करने तथा ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड, एटीएम पिन और सीवीवी किसी के साथ साझा न करने की अपील की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed