फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: smc teacher policy in himachal pradesh

एसएमसी नीति 2009 में बदलाव से ही नियमित हो सकेंगे 2555 शिक्षक

Mon, 30 Nov 2020 10:57 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 30 Nov 2020 10:57 AM IST
विज्ञापन
Himachal News: smc teacher policy in himachal pradesh
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 2555 एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के लिए सरकार को एसएमसी नीति 2009 में बदलाव करना होगा। नियमित शिक्षकों की नियुक्तियों से एसएमसी शिक्षकों को बदलने की सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों सुनाए अपने फैसले में व्यवस्था दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले की विस्तृत जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग ने इस बाबत मंथन शुरू कर दिया है। संभावित है कि इस मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जा सकता है। 

विज्ञापन


बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में स्कूल प्रबंधन कमेटी के तहत नियुक्त शिक्षकों की भर्ती निरस्त करने के प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार कर दिया था। जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस एस रवींद्र भट्ट की पीठ ने सरकार और पीरियड बेस एसएमसी शिक्षक एसोसिएशन की हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका स्वीकार की थी।
विज्ञापन


शीर्ष कोर्ट ने एसएमसी शिक्षकों की भर्ती संबंधी सरकार की नीति को सही ठहराया है, लेकिन इस नीति में सरकार एसएमसी शिक्षकों को नियमित नहीं कर सकती है। सरकार ने स्टॉप गैप अरेंजमेंट के लिए नीति बनाई है। ऐसे में अगर सरकार एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने के पक्ष में है तो इसके लिए 2009 की नीति को बदलना होगा। इस नीति के तहत नियमित शिक्षकों के नहीं आने तक एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं जारी रहेंगी। अगर इनकी जगह नियमित शिक्षक की नियुक्ति होती है तो एसएमसी शिक्षक की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed