{"_id":"620fca3001bba56f801fd9ad","slug":"himachal-news-probe-of-four-private-colleges-that-gave-bachelor-in-hotel-management-degree","type":"story","status":"publish","title_hn":"HPPERC: बीएचएम डिग्री करवाने वाले चार निजी कॉलेजों की मान्यता, फीस स्ट्रक्चर जांचेंगी कमेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HPPERC: बीएचएम डिग्री करवाने वाले चार निजी कॉलेजों की मान्यता, फीस स्ट्रक्चर जांचेंगी कमेटियां
Sat, 19 Feb 2022 11:56 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 19 Feb 2022 11:56 AM IST
सार
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने शिकायतों के आधार पर हुई प्रारंभिक जांच में चार वर्ष की डिग्री तीन वर्ष में कराने का मामला पकड़ा है। हिमाचल विश्वविद्यालय सहित चार निजी कॉलेजों में बीएचएम की डिग्री को चार वर्ष की जगह तीन वर्ष तक ही कराया जा रहा है।
विज्ञापन
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बैचलर इन होटल मैनेजमेंट (बीएचएम) की डिग्री करवाने वाले निजी कॉलेजों पर निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने शिकंजा कस दिया है। इन कॉलेजों की मान्यता, फीस स्ट्रक्चर, डिग्री अवधि की जांच के लिए कमेटियां गठित कर दी गई हैं। तकनीकी शिक्षा विश्वविद्यालय हमीरपुर और यूजीसी से भी आयोग ने स्पष्टीकरण मांगा है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) का लिखित में जवाब आने के बाद आयोग इस बाबत आगामी कार्रवाई करेगा।
विज्ञापन
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग ने शिकायतों के आधार पर हुई प्रारंभिक जांच में चार वर्ष की डिग्री तीन वर्ष में कराने का मामला पकड़ा है। हिमाचल विश्वविद्यालय सहित चार निजी कॉलेजों में बीएचएम की डिग्री को चार वर्ष की जगह तीन वर्ष तक ही कराया जा रहा है। यूजीसी ने वर्ष 2014 में जारी अधिसूचना के तहत बीएचएम की डिग्री की अवधि को चार वर्ष तय किया है।
विज्ञापन
इसके बावजूद हिमाचल विश्वविद्यालय ने वर्ष 2020 में दोबारा शुरू की गई बीएचएम की डिग्री को तीन वर्ष का ही रखा। इसके अलावा चार निजी कॉलेजों में भी तीन वर्ष की डिग्री दी जा रही है। विनियामक आयोग ने इन तीन वर्ष की डिग्रियों को अवैध करार दिया है। ऐसे में वर्ष 2015 से इस डिग्री को करने वाले हजारों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
विज्ञापन
हालांकि एचपीयू ने गलती मानते हुए एक वर्ष का ब्रिज कोर्स करवाते हुए डिग्री की अवधि को चार वर्ष पूरा करने की बात कही है। उधर, निजी कॉलेजों ने इन डिग्रियों को करवाने के लिए तय किए गए फीस स्ट्रक्चर और मान्यता के दस्तावेजों की जांच के लिए आयोग ने कमेटियां गठित की है।
3 मार्च को दोबारा होगी मामले की सुनवाई
निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग की अदालत में बीएचएम, बीएससी एचएम और बीएचएम कैटरिंग के मामले को लेकर 3 मार्च को सुनवाई होगी। इस दौरान आयोग चार वर्ष की डिग्री को तीन वर्ष तक ही करवाने को लेकर की गई लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है।