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पंचायत चुनाव में कमरऊ में मांस-मदिरा की पार्टी पर रोक
Mon, 21 Sep 2020 02:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, सतौन (सिरमौर)
अमर उजाला नेटवर्क, सतौन (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 21 Sep 2020 02:45 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की कमरऊ पंचायत में तीन गांवों के लोगों ने कुल देवी ठारी माता मंदिर में बैठक कर पंचायत चुनाव में मांस और मदिरा का सेवन नहीं करने का निर्णय लिया है। बैठक में पंचायत चुनाव के दौरान मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी। साथ ही गांवों के आधार पर पदों का भी बंटवारा किया गया। कमरऊ पंचायत में शालना, मुनाणा और चौकी के ग्रामीणों की बैठक हुई।
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इसमें प्रधान, उपप्रधान और बीडीसी सीटों का हर पांच वर्ष के आधार पर चयन किया गया। निर्णय लिया कि यदि गांव में चुनाव सर्वसम्मति से नहीं होता तो चुनाव के दौरान मांस-मदिरा के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जीतने वाला उम्मीदवार ही बाद में पार्टी दे सकता है। कमरऊ पंचायत से हाल में बल्दवा बोहल पंचायत अलग हुई है।
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पहले कमरऊ के तीन गांव शालना, मुनाणा, चौकी में प्रधान पद की दावेदारी रहती थी। तीनों गांवों में बारी-बारी से प्रधान पद हर गांव को दिया जाता था। उपप्रधान बल्दवा और खुइनल गांव को दिया जाता था। अब कमरऊ से बल्दवा बोहल को अलग कर नई पंचायत बनाई गई है।
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लिहाजा, उपप्रधान की दावेदारी भी कमरऊ में ही रहेगी। निर्णय लिया कि हर चुनाव के दौरान पद हर गांव में बदले जाएंगे। इस बार प्रधान पद शालना, बीडीसी का पद चौकी और उपप्रधान का पद मुनाणा को दिया गया है।