फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: more than 3100 Migratory birds reached asan conservation reserve wetland

अठखेलियां कर रहीं आकर्षित: कई सरहदें लांघ आसन वेटलैंड पहुंचे मेहमान परिंदे

Mon, 15 Nov 2021 02:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुरेश तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर)
सुरेश तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 15 Nov 2021 02:20 PM IST
सार

प्रवासी पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना ने बताया कि 14 नवंबर तक झील में 18 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी डेरा जमा चुके हैं। इससे पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। सबसे ज्यादा सुर्खाब अपनी तरफ ध्यान खींचते हैं।

विज्ञापन
Himachal News: more than 3100 Migratory birds reached asan conservation reserve wetland
आसन बैराज में अठखेलियां करते प्रवासी परिंदे। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर स्थित देश का पहला कंजरवेशन रिजर्व आसन वेटलैंड मेहमान परिंदों की अठखेलियों से गुलजार हो गया है। अभी तक झील में 3100 से अधिक प्रवासी पक्षियों ने डेरा जमा दिया है। हजारों किमी दूरी तय कर बैराज झील में पहुंचे प्रवासी पक्षी आकर्षण का केंद्र बने हैं।

विज्ञापन

 
सर्दियां बढ़ने पर इनकी संख्या पांच से छह हजार तक पहुंच जाती है। आसन बैराज में कार्यरत वन दारोगा एवं प्रवासी पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना ने बताया कि 14 नवंबर तक झील में 18 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी डेरा जमा चुके हैं। इससे पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। सबसे ज्यादा सुर्खाब अपनी तरफ ध्यान खींचते हैं।
विज्ञापन


 झील में कॉमन कारमोरेंट, रुडी शेलडक यानी सुर्खाब, कामन पोचार्ड, कामन कूट, ग्रे लेग लिटिल इगरेट, किंगफिशर, व्हाइट ब्रिस्टेड वाटर हैन, कॉमन मोरेहन, ग्रे हेरोन, पर्पल हेरोन, वूली नेक्ड स्टॉक, स्पॉट बिल्ड डक व डुबकी मार बतख झील में अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ठंड बढ़ने के साथ ही इनकी संख्या दुगनी होने की उम्मीद की जा रही है। उत्तराखंड आसन बैराज क्षेत्र के आरओ राजेंद्र हिंगवाण ने बताया कि आसन झील में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक पक्षियों के प्रवास की उम्मीद बंधी है। हरियाणा के हथनीकुंड व हिमाचल की सीमा यमुना घाट के आसपास तक भी प्रवासी परिंदे पहुंच जाते हैं।


पक्षियों की बढ़ती संख्या पर उत्तराखंड का वन महकमा भी मुस्तैद
हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर आसन बैराज स्थल है। आरओ राजेंद्र हिंगवाण ने बताया कि बैराज में मेहमान पक्षियों की बढ़ती संख्या पर उत्तराखंड का वन महकमा भी मुस्तैद हो गया है। झील के आसपास सुरक्षा व्यवस्था में इजाफा कर दिया है। सर्दियां बढ़ने पर पक्षियों की संख्या में तेजी से उछाल आता है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक उत्तराखंड चकराता वन प्रभाग की स्थानीय गणना टीम विदेशी परिंदों की गणना करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed