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अटल टनल के दोनों छोर पर बनेंगे काष्ठकुणी शैली के स्वागत द्वार
Mon, 20 Jul 2020 10:59 AM IST
अरविन्द ठाकुर
मनु शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, मनाली (कुल्लू)
मनु शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, मनाली (कुल्लू)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 20 Jul 2020 10:59 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अटल टनल का कार्य अंतिम चरण में है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा अटल टनल के कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में टनल का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे। टनल के दोनों छोर साउथ पोर्टल और नॉर्थ पोर्टल में काष्ठकुणी शैली में स्वागत द्वार का निर्माण किया जा रहा है।
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ये स्वागत द्वार सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। इन स्वागत द्वारों का नक्शा स्थानीय आरकीटेक्ट दुनी चंद की ओर से तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि अभी भी लाहौल जाने के लिए रोहतांग दर्रा पार करना पड़ता है। लेकिन अटल टनल बन जाने से मात्र 35 मिनट में ही 8.9 किलोमीटर टनल से होकर एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच सकेंगे।
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टनल के परियोजना अधिकारी ब्रिगेडियर केपी पुरुषोतमन ने बताया कि टनल में कंक्रीट का कार्य पूरा हो चुका है। अब इलेक्ट्रो केमिकल का कार्य चल रहा है। 8.9 किलोमीटर लंबी अटल टनल बनने से चीन के साथ लगते सीमा क्षेत्र तक सेना और रसद को जल्द पहुंचाने में सुविधा होगी। सर्दियों के दौरान रोहतांग दर्रा बंद होने से देश दुनिया से कटने वाला लाहौल भी देश और दुनिया से जुड़ा रहेगा।
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