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संस्थागत प्रसव करवाने में चंबा फिसड्डी, जिले में 60 फीसदी रही दर
Mon, 02 Aug 2021 01:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 02 Aug 2021 01:54 PM IST
सार
हमीरपुर जिला संस्थागत प्रसव करवाने में अव्वल है। जिले में संस्थागत प्रसव की दर 99.42 प्रतिशत है।
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संस्थागत प्रसव के आंकड़े।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में चंबा गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव करवाने में फिसड्डी रहा है। घरेलू प्रसव करवाने में जिला प्रदेश भर में अव्वल है। वर्ष 2019-20 में चंबा में 7519 प्रसव हुए। इनमें 4577 प्रसव संस्थागत तरीके से हुए। 7519 प्रसव घरों में हुए। जिले में साल भर में संस्थागत प्रसव करवाने की दर 60.65 प्रतिशत रही। यह प्रदेश के अन्य जिलों से काफी कम है। अन्य जिलों में संस्थागत प्रसव करवाने की दर 90 प्रतिशत से अधिक है।
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जिला चंबा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आए दिन आशा वर्करों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर महिलाओं को संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूक करते हैं, लेकिन असलियत में जिले में संस्थागत प्रसव को लेकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
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हमीरपुर जिला संस्थागत प्रसव करवाने में अव्वल है। जिले में संस्थागत प्रसव की दर 99.42 प्रतिशत है। बिलासपुर में 93.39, कांगड़ा 98, किन्नौर 84.63, कुल्लू 92.72, लाहौल-स्पीति 88.87, मंडी 92.12, शिमला 96.14, सिरमौर 89.10, सोलन 96.51 और ऊना में 95.95 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हुए हैं।
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जिलाधीश चंबा डीसी राणा ने बताया कि जिले में भौगोलिक परिस्थितियां खराब होने और स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी के चलते संस्थागत प्रसव में कमी रही है। इस दर को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी इस दिशा में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।