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साइबर अपराध: प्रदेश के बड़े नेताओं, अधिकारियों के नाम से व्हाट्सएप पर ठगी का जाल
Mon, 18 Apr 2022 11:53 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 18 Apr 2022 11:53 AM IST
सार
साइबर अपराध सेल का कहना है कि ये लोग इस तरह ठगी को अंजाम देते हैं। कई बार फोन पर आया ओटीपी बताने को कहा जाता है। ओटीपी शेयर करने पर शातिर बैंक खातों में सेंध लगाते हैं। नाइजीरिया के साइबर अपराधी, दिल्ली और अन्य स्थानों से ठगी कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार के बड़े नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की व्हाटसएप पर फोटो लगाकर साइबर अपराधी ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। ये शातिर नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों को संदेश भेजकर अमेजन के कूपन और वाउचर को आगे फारवर्ड कर उपहार खरीदने की बात कर रहे हैं। इस खरीद के बाद ठग छूट को रिडीम कर पैसे का लाभ ले सकते हैं। साइबर अपराध सेल को शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
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व्यक्ति अपनी पहचान महत्वपूर्ण हस्ती और नेता के रूप में बता रहा है। पुलिस को आशंका है कि नाइजीरिया से आरोपी के तार जुड़े हो सकते हैं। साइबर अपराध सेल का कहना है कि ये लोग इस तरह ठगी को अंजाम देते हैं। कई बार फोन पर आया ओटीपी बताने को कहा जाता है। ओटीपी शेयर करने पर शातिर बैंक खातों में सेंध लगाते हैं। नाइजीरिया के साइबर अपराधी, दिल्ली और अन्य स्थानों से ठगी कर रहे हैं।
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वे पूर्वोत्तर, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों के स्थानीय सिम रिटेलर से प्राप्त कर लेते हैं और उस नंबर को ठगी करने के लिए मोबाइल फोन पर दर्ज कर लेते हैं। ग्रामीण, मजदूरों या अनपढ़ लोगों को दिया जाता है, लेकिन ये अनपढ़ लोग इस बात से अनभिज्ञ होते हैं। ये शातिर विभाग प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों की फोटो को व्हाट्सएप प्रोफाइल तस्वीर पर लगा देते हैं। इससे ठगी को लेकर संदेश भेजे जाते हैं।
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संदेश में आग्रह किया जाता है कि उन्हें मेडिकल आपातकाल है। ऐसे में पैसे की जरूरत है। अमेजन गिफ्ट कार्ड कोड को शेयर करने की भी बात कही जाती है। जब यह कोड साइबर अपराधी के पास पहुंच जाता है तो व्यक्ति ठगी का शिकार होता है। डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि पुलिस को इस बारे शिकायत मिली है। ऐसे में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। साइबर क्राइम सेल ने जनता से अपील की है कि अगर मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मुख्य सचिव के नाम से किसी को भी व्हाटसएप मेसेज आता है तो समझो साइबर शातिर ठगने का प्रयास कर रहा है।