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बाहरी राज्यों में बैठ साइबर अपराधी हिमाचल के लोगों को बना रहे निशाना
Mon, 15 Feb 2021 12:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 15 Feb 2021 12:52 PM IST
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साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपे साइबर अपराधी कई तरह के साइबर अपराध कर हिमाचल वासियों को निशाना बना रहे हैं। साइबर अपराध रोकने में जुटी हिमाचल प्रदेश की साइबर क्राइम पुलिस के शिकायतों का अध्ययन करने पर इस पैटर्न की बात सामने आई है। पता चला है कि ओएलएक्स, क्यूआर कोड आधारित भुगतान, फेसबुक मेसेंजर और व्हाट्सएप से वीडियो कॉल के जरिये नग्न वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और व्हाट्सएप व फेसबुक के डुप्लीकेट अकाउंट बनाकर परिचितों व रिश्तेदारों से पैसों की मांग करने के अपराध को हरियाणा के मेवात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बैठे साइबर अपराधी अंजाम दे रहे हैं।
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केवाईसी सत्यापन, सिम अपग्रेड करने, ई सिम व टोकन पेमेंट के नाम पर यूपीआई से धोखाधड़ी झारखंड, बिहार व पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में बैठे साइबर अपराधी कर रहे हैं। सरकारी या ई कॉमर्स कंपनियों की नकली वेबसाइट बनाने या सरकारी योजनाओं के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह उत्तरी राजस्थान और दक्षिणी बिहार में सक्रिय हैं। नौकरी दिलाने, ऋण या बीमा प्रदान करने की ठगी गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम में बने कॉल सेंटर संगठित तरीके से की जा रही है।
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एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर ने कहा कि शिकायतों के विश्लेषण के बाद यह बात साफ हो गई है कि अब ऐसे अपराध क्षेत्र विशेष के हो गए है। कहा कि हाल में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक संयुक्त प्लेटफार्म तैयार किया है, जहां ऐसे अपराधियों व नंबरों को अन्य राज्यों की साइबर पुलिस के साथ साझा किया जाता है। उनकी मदद से अपराधियों तक अब पहुंच बनाई जा रही है। अंजान कॉल, लिंक या ई मेल का जवाब नहीं देना चाहिए और लोगों को प्रलोभनों से बचना चाहिए।
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