{"_id":"646b7a4fc243770b2601e3a5","slug":"himachal-news-computer-teachers-ultimatum-to-government-said-they-will-boycott-classes-2023-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal: कंपनी के तहत सेवाएं देने के लिए तैयार नहीं कंप्यूटर शिक्षक, कक्षाओं का करेंगे बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal: कंपनी के तहत सेवाएं देने के लिए तैयार नहीं कंप्यूटर शिक्षक, कक्षाओं का करेंगे बहिष्कार
Mon, 22 May 2023 07:51 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 22 May 2023 07:51 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षकों की एक्सटेंशन 30 अप्रैल 2023 को समाप्त हो चुकी है। 22 दिन बीत गए हैं लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को लेकर उचित फैसला नहीं लिया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में तैनात करीब 1300 कंप्यूटर शिक्षक अब कंपनी के तहत सेवाएं देने को तैयार नहीं है। शिक्षक संघ का कहना है कि अगर फिर से कंप्यूटर शिक्षकों को कंपनी के तहत रखा गया तो स्कूलों में कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षकों की एक्सटेंशन 30 अप्रैल 2023 को समाप्त हो चुकी है। 22 दिन बीत गए हैं लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को लेकर उचित फैसला नहीं लिया है। मुख्यमंत्री के आश्वासन पर प्रदेश भर में शिक्षक नियमित सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा और महासचिव सुषमा ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षा वर्ष 1998 से शुरू हुई थी। लगातार 24 वर्षों से हिमाचल प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षक जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। सभी सरकारों और कंपनियों ने शिक्षकों का जमकर शोषण किया है, जो भी बदस्तूर जारी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई सरकार में मुख्यमंत्री बने सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 25 जनवरी को हमीरपुर में पूर्ण राज्यत्व दिवस के मौके पर कंप्यूटर शिक्षक संघ की मांगों को मानने का वायदा किया था। संघ ने सरकार के समक्ष एक ही मांग रखी है कि कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
सरकार भारत के संविधान में निहित मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कंप्यूटर शिक्षकों के लिए हाईकोर्ट द्वारा निर्देशित आरएडंपी नियमों के तहत 2017 की लंबित प्रोसेस को बहाल करे, ताकि शिक्षकों के साथ न्याय हो सके। हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ एक बार पुनः सुख की सरकार से की मांग करता है वन टाइम रिलैक्सेशन के तहत पीटीए पैरा पॉलिसी की तर्ज पर राहत की उम्मीद करते हैं।