{"_id":"6013ab3e54440f794c71c374","slug":"himachal-news-chilling-hours-of-fruitful-plants-can-be-completed-by-march","type":"story","status":"publish","title_hn":"मार्च तक पूरे हो सकते हैं फलदार पौधों के चिलिंग ऑवर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मार्च तक पूरे हो सकते हैं फलदार पौधों के चिलिंग ऑवर्स
Fri, 29 Jan 2021 12:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 29 Jan 2021 12:00 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम की बेरुखी और तापमान के ऊपर-नीचे जाने से सेब और अन्य फलों को अभी सिर्फ साढ़े तीन सौ घंटे की ठंड मिल पाई है। बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च तक चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की उम्मीद है। प्रदेश में तापमान ऊपर जाने से पेड़ों में फूल खिलने का क्रम शुरू हो जाता है। इसका सीधा प्रभाव फलों की सेटिंग में भी पड़ता है। फलों की पैदावार भी घटती है।
विज्ञापन
बागवानी विशेषज्ञों का कहना है सेब और अन्य फलों को 200 से 1200 चिलिंग ऑवर्स की जरूरत रहती है। सेब की कई किस्में ऐसे भी विकसित की गई हैं, जिनको नौ सौ चिलिंग ऑवर्स की जरूरत रहती है। प्रदेश में तापमान 1 डिग्री से 7.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है तो पौधों की जरूरत पूरी हो जाता है। अगर एक या दो घंटे तक तापमान ऊपर भी चला जाए तो पौधों पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है।
विज्ञापन
फल चिलिंग ऑवर्स
सेब 900 से 1200 घंटे
पलम 400 से 700 घंटे
नाशपाती 400 से 900 घंटे
खुमानी 200 से 500 घंटे
आड़ू 200 से 800 घंटे
जापानी फल 200 से 400 घंटे
चेरी 400 से 700 घंटे
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने कहा कि फरवरी और मार्च तक फलदार पौधों खासकर सेब के चिलिंग ऑवर्स पूरी होंगे। अभी तक साढ़े तीन सौ चिलिंग ऑवर्स पूरे हुए हैं। अगर चिलिंग ऑवर्स पूरे न हो तो फूल खिलने का क्रम बिगड़ता है और फलों की सेटिंग खराब हो जाता है।
विज्ञापन