फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal monsoon damage 329 deaths 3217 crore loss weather dry september 2026

हिमाचल मानसून 2026: 329 लोगों की गई जान; 3,217 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, अब मौसम से राहत के संकेत, जानें

Sun, 20 Sep 2026 01:35 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 20 Sep 2026 01:35 PM IST
सार

Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में इस मानसून ने जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य सरकार की 19 सितंबर तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार आपदाओं से 133 लोगों की मौत हुई, जबकि सड़क हादसों में 196 लोगों की जान गई। इस तरह कुल 329 मौतें दर्ज हुई हैं। प्रदेश में निजी और सार्वजनिक संपत्तियों समेत कुल नुकसान 3,21,795.14 लाख रुपये यानी करीब 3,217.95 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। इसी बीच 20 सितंबर के मौसम बुलेटिन ने फिलहाल राहत के संकेत दिए हैं।

विज्ञापन
himachal monsoon damage 329 deaths 3217 crore loss weather dry september 2026
हिमाचल मानसून 2026 - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून ने पहाड़ों पर भारी असर डाला है। बारिश से जुड़ी आपदाओं, भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ समेत विभिन्न घटनाओं और सड़क हादसों में अब तक 329 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य सरकार के राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की 19 सितंबर तक की संचयी रिपोर्ट में प्रदेश में जान-माल के बड़े नुकसान की तस्वीर सामने आई है।

विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून से 19 सितंबर 2026 तक आपदाओं के कारण 133 लोगों की मौत हुई, जबकि सड़क हादसों में 196 लोगों की जान गई। दोनों आंकड़ों को मिलाने पर मानसून अवधि में कुल 329 मौतें सामने आती हैं।
विज्ञापन


3,217 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान
मानसून के दौरान केवल जान का नुकसान ही नहीं हुआ, बल्कि निजी और सरकारी संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंची है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार कुल नुकसान 3,21,795.14 लाख रुपये दर्ज किया गया है। यह राशि करीब 3,217.95 करोड़ रुपये बैठती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में घरों, दुकानों, श्रमिक आवासों, पशुशालाओं और अन्य निजी संपत्तियों के नुकसान के साथ-साथ लोक निर्माण, जल आपूर्ति, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और शहरी विकास से जुड़ी सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान को भी शामिल किया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मानसून अवधि में 572 पशु-पक्षियों की मौत भी दर्ज की गई है। वहीं निजी संपत्ति के नुकसान में मकानों के अलावा दुकानें, कारखाने, श्रमिक आवास और अन्य संरचनाएं भी शामिल हैं।

शिमला में सबसे ज्यादा 20 आपदा मौतें
जिला स्तर पर देखें तो आपदा से होने वाली मौतों में अलग-अलग कारण सामने आए हैं। सरकारी रिपोर्ट में शिमला में 20, कांगड़ा में 18, चंबा और लाहौल-स्पीति में 17-17, मंडी में 16 तथा सिरमौर में 15 मौतें दर्ज की गई हैं। कुल 133 आपदा मौतों में 50 मौतें पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने, 18 भूस्खलन, 17 डूबने, 13 सांप के काटने, 10 बिजली की चपेट में आने और दो आग की घटनाओं से जुड़ी हैं। रिपोर्ट में अन्य कारणों से हुई 22 मौतें भी दर्ज हैं।

सड़क हादसों ने भी बढ़ाया मौत का आंकड़ा
मानसून अवधि के दौरान सड़क हादसे भी जानलेवा साबित हुए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा शिमला में 27 मौतें दर्ज हुईं। इसके बाद कांगड़ा में 24, चंबा में 23, सिरमौर और ऊना में 22-22 तथा कुल्लू में 19 मौतें दर्ज की गईं। पूरे प्रदेश में सड़क हादसों में 196 लोगों की मौत हुई है।

मंडी, शिमला और कांगड़ा में भी भारी नुकसान
कुल आर्थिक नुकसान की जिला स्तरीय तस्वीर भी बड़ी है। सरकारी रिपोर्ट में कांगड़ा में करीब 468.17 लाख रुपये, शिमला में 408.65 लाख रुपये, मंडी में 364.57 लाख रुपये और चंबा में 327.98 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। सिरमौर में 216.86 लाख, किन्नौर में 228.70 लाख, लाहौल-स्पीति में 117.06 लाख और कुल्लू में 118.10 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।

अब मौसम से मिल सकती है राहत
मानसून से हुए नुकसान के बीच मौसम विभाग की 20 सितंबर की रिपोर्ट ने फिलहाल राहत के संकेत दिए हैं। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में मौसम शुष्क रहा और किसी स्थान पर बारिश, हिमपात, गरज-चमक या तेज हवाएं दर्ज नहीं की गईं। मौसम विभाग के अनुसार 20 से 26 सितंबर तक प्रदेश के मैदानी, मध्य पर्वतीय और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। 20 से 26 सितंबर तक किसी भी दिन के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि 25 और 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। सप्ताह के बाकी दिनों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।

तापमान में भी बड़े बदलाव के आसार नहीं
मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है। 20 सितंबर को ऊना में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

फिलहाल मौसम का यह शुष्क दौर राहत और पुनर्बहाली के काम के लिए अहम माना जा सकता है। मानसून से क्षतिग्रस्त सड़कों, सार्वजनिक ढांचे और निजी संपत्तियों की मरम्मत के बीच अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी न होना प्रशासन और प्रभावित लोगों के लिए राहत की स्थिति है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed