हिमाचल: ड्रोन और सीसीटीवी की नजर से बच नहीं पाएगा खनन माफिया
अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए पुलिस अब जिला खनन फंड का इस्तेमाल करेगी। अब खनन माफिया पुलिस की नजरों से बच नहीं पाएगा। खनन माफिया पर ड्रोन और सीसीटीवी की नजर से बच नहीं पाएगा। डीजीपी संजय कुंडू ने सभी एसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले संवेदनशील इलाकों में निगरानी और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए संबंधित जिले के डीसी के साथ तालमेल बैठाकर इस फंड की मदद से ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की खरीद करें।
सीसीटीवी और ड्रोन की मदद से अवैध खनन के साथ ही इस काम में शामिल वाहनों की भी पड़ताल की जा सकेगी। इससे लाभ यह होगा कि भले ही मौके पर खनन करते हुए वाहन न मिलें, लेकिन उसे बाद में भी तलाश कर विधिक कार्रवाई की जा सकेगी। डीजीपी के निर्देश के बाद बद्दी, ऊना व सिरमौर जिलों के एसपी ने अपने जिले के डीसी के साथ संपर्क भी साध लिया है।
संयुक्त चेक पोस्ट पर अभी फैसला नहीं
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बजट भाषण में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए पुलिस और उद्योग विभाग के खनन अधिकारियों के संयुक्त चेक पोस्ट बनाने की घोषणा की थी।
10 चेक पोस्ट बनाने के लिए पुलिस ने उन अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का भी चयन कर लिया था जहां इन्हें स्थापित कर अवैध खनन पर नकेल कसी जानी थी। पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग के माध्यम से उद्योग विभाग को इन चेक पोस्ट को स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भी भेज दिया। लेकिन अभी तक इस प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो सका है।
खनन माफिया हावी, बिना हथियार विभाग की फौज
हिमाचल में खनन माफिया हावी है और खनन विभाग के गार्ड बिना हथियारों हैं। पांवटा में खनन विभाग के गार्ड को कुचल कर मारने की घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माफिया के आगे खनन विभाग की फौज बौनी साबित हो रही है और माफिया के हौसले बुलंद हैं। सरकार और प्रशासन माफिया पर शिकंजा कसने में नाकाम है। खनन माफिया ने पांवटा साहिब में खनन विभाग के गार्ड को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया है। इससे पहले ऊना में खनन माफिया के टिप्पर से दो प्रवासी मजदूरों को रौंद दिया था। अवैध रूप से खनिज ले जाने वाली गाड़ियों पर कोई नकेल नहीं है।
माफिया प्रदेश के खनिज को बाहरी राज्यों में ले जाकर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं और सरकार को हर साल करोड़ों की चपत लग रही है।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि खनिज माफिया पर नकेल कसना जरूरी है। खनिज की चोरी हो रही है। माफिया पहले सौ गाड़ियां ले जाता था तो आज हर रोज पांच हजार गाड़ियां खनिज भरकर बाहर भेजी जा रही हैं। जेसीबी और पाकलेन की मदद से गाड़ियां भरी जा रही हैं और सरकार चुप्पी साधे है।
राज्य के जियोलॉजिस्ट पुनीत गुलेरिया ने कहा कि अब चेकिंग के समय दो कर्मचारी तैनात रहेंगे ताकि पांवटा की घटना न घटे। ऊना में पांच और बद्दी में एक चैक पोस्ट तैयार हैं। यहां पर खनन कर्मचारी और होमगार्ड तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे और वेइंग बृज भी लगाया है ताकि खनन माफिया पर लगाम कसी जा सके।