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आईआईटी मंडी: दीक्षांत समारोह में 452 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां
Sat, 23 Oct 2021 05:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 23 Oct 2021 05:13 PM IST
सार
प्रो. अनिल काकोडकर ने पासआउट छात्रों से कहा कि आईआईटी मंडी से डिग्री प्राप्त करने के बाद जिंदगी में आगे बढ़ते हुए यह आपकी सबसे बड़ी संपदा साबित होगी।
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प्रो. अनिल काकोडकर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आईआईटी मंडी का 9वां दीक्षांत समारोह वर्चुअल माध्यम से हुआ। इसमें 452 विद्यार्थियों (348 छात्रों और 104 छात्राओं) को मास्टर्स की डिग्रियां दी गईं। 45 पीएचडी स्कॉलर भी सम्मानित किए गए। भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव पद्म विभूषण प्रो. अनिल काकोडकर विशेष रूप से मौजूद रहे। आईआईटी मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर के अध्यक्ष प्रो. प्रेमव्रत ने समारोह की अध्यक्षता की।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि आज दुनिया सबसे कठिन दौर में है। इसमें अवसर भी असीम हैं। आईआईटी मंडी से डिग्री प्राप्त करने के बाद जिंदगी में आगे बढ़ते हुए यह आपकी सबसे बड़ी संपदा साबित होगी। ऐसे युग में हैं, जिसमें सेमीकंडक्टर्स, कंप्यूटिंग और टेलीकॉम, एडवांस्ड एयरोस्पेस और फार्मास्युटिकल्स जैसी उच्चतम प्रौद्योगिकियों का वर्चस्व है।
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जल्द कुछ अन्य नई प्रौद्योगिकियों का चलन होगा, जो जेनेटिक्स, क्वांटम फिजिक्स, कॉग्निटिव और ब्रेन साइंस का लाभ लेंगी। युवा इंजीनियर इस क्षेत्र की मौजूदा कमी को दूर करेंगे। आईआईटी मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर के अध्यक्ष, प्रो. प्रेमव्रत ने कहा कि डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थी नई यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं।
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