कर्मचारी परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष नौकरी से बर्खास्त, अफसरों से पंगा लेना पड़ा महंगा
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार को वरिष्ठ अधिकारियों से अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता महंगी पड़ी। कांग्रेस सरकार में सस्पेंड चल रहे बागवानी विभाग में अधीक्षक ग्रेड-2 पद पर तैनात विनोद को नई सरकार ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
वर्ष 2007 में प्रदेश में भाजपा की सरकार के समय इस कर्मचारी नेता की तूती बोलती थी, लेकिन जयराम सरकार ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बागवानी विभाग के निदेशक ने अपनी सेवानिवृत्ति वाले दिन ही बर्खास्तगी के आदेश दिए।
पिछली सरकार में परिसंघ के नेता विनोद कुमार काफी सुर्खियों में रहे। इस नेता ने अपने ही विभाग के अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अफसरों की कार्यप्रणाली और बागवानी विभाग में होने वाली खरीद-फरोख्त पर भी उंगलियां उठाईं। हालांकि, कर्मचारी नेता पर कार्यालय में न आने और गाली गलौज के भी आरोप लगे।
निदेशक ने सेवानिवृत्ति के दिन ही निकाले बर्खास्तगी के आदेश
इसके चलते वे कई महीनों से सस्पेंड चल रहे थे। कर्मचारी नेता को नई सरकार से उम्मीद थी। हालांकि, कई अन्य प्रताड़ित अधिकारियों और कर्मचारियों का निलंबन बहाल कर दिया है। उधर, विनोद कुमार का कहना है कि उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
वे इस मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उठाएंगे। बागवानी विभाग के निदेशक हेमराज ने 30 दिसंबर को सेवानिवृत्ति के दिन ही विनोद कुमार के बर्खास्तगी आदेश निकाले हैं। उन्होंने कहा कि विनोद के खिलाफ आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की है।