{"_id":"65b2416e8131279c54002633","slug":"himachal-jairam-thakur-said-bjp-mlas-will-not-attend-mla-priority-meetings-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: जयराम ठाकुर बोले- दो दिन में किस्त नहीं मिली तो प्राथमिकता बैठक का बहिष्कार करेंगे भाजपा विधायक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: जयराम ठाकुर बोले- दो दिन में किस्त नहीं मिली तो प्राथमिकता बैठक का बहिष्कार करेंगे भाजपा विधायक
Thu, 25 Jan 2024 06:48 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 25 Jan 2024 06:48 PM IST
सार
मंडी में प्रेसवार्ता में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बजट में इसका प्रावधान किया था, लेकिन चुनाव आचार संहिता लगने के कारण अंतिम किस्त नहीं दे पाए थे।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विधायक क्षेत्र निधि के 2 करोड़ 10 लाख की राशि में से अंतिम किस्त नहीं मिलने पर वीरवार को पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दो दिन में किस्त नहीं मिली तो भाजपा विधायक प्राथमिकता बैठक का बहिष्कार करेंगे। मंडी में प्रेसवार्ता में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बजट में इसका प्रावधान किया था, लेकिन चुनाव आचार संहिता लगने के कारण अंतिम किस्त नहीं दे पाए थे। वर्तमान सरकार ने अब विधायक क्षेत्र निधि की अंतिम किस्त 50 लाख रुपये रोक दी है।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार 28 जनवरी से पहले विधायक क्षेत्र निधि की अंतिम किस्त का पैसा जारी नहीं करती है तो भाजपा विधायक वार्षिक बजट 2024-25 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए 29 और 30 जनवरी को प्रस्तावित वार्षिक प्लानिंग बैठक का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे। इसके बाद इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल से भी बैठक करेंगे। वर्तमान सरकार भाजपा विधायकों के हितों को कमजोर कर रही है, जो आज तक किसी मुख्यमंत्री ने नहीं किया है। सरकार ने बैकवर्ड प्लान की 12 से 15 करोड़ की किस्त भी रोक दी है। धर्मशाला में शीतकालीन सत्र के दौरान उठाए मुद्दों को ही बजट सत्र में उठाया जाएगा।
विज्ञापन
अधिकारियों को नसीहत-अपना भविष्य खराब न करें
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एसडीपी के पैसे के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसे कितना देना है। उन्होंने कहा कि इस सरकार का कोई भविष्य नहीं है और अधिकारी अपना भविष्य भी खराब न करें। भाजपा सरकार ने जो अधिकारी हटाए थे, वह कांग्रेस सरकार के सलाहकार बने हुए हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को घेरते कहा कि वह मंडी में आकर अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं। सरकार की हालत इतनी खराब है कि हर माह कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। जबकि उनके कार्यकाल में 4 से 6 महीने बाद कर्ज लिया जाता था।
विज्ञापन