हिमाचल में इन्वेस्टर मीट के लिए 85 हजार करोड़ निवेश की क्षमता चिह्नित
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हिमाचल सरकार ने पहली विश्व स्तरीय इन्वेस्टर मीट को हरी झंडी दे दी है। प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला में अगले साल 10 और 11 जून को मेगा इन्वेस्टर मीट करवाई जाएगी। बड़े निवेशकों को हिमाचल लाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों में भी दो-तीन रोड शो किए जाएंगे।
इसके अलावा हिमाचल सरकार दिल्ली में 50 देशों के राजदूतों का सम्मेलन भी कराएगी। इसमें निवेशकों के लिए सूबे में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया जाएगा।
राज्य सचिवालय में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में छह घंटों तक चली मैराथन बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्यों के सामने विभिन्न विभागों ने 85 हजार करोड़ रुपये की निवेश क्षमता से संबंधित प्रस्तावों पर प्रेजेंटेशन दी। इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के लिए एक नई
नीति तैयार करने और निवेशकों की बैठक आयोजित करने के लिए भारतीय उद्योग संघ (सीआईआई) को राष्ट्रीय भागीदार बनाने का भी फैसला लिया गया। दो दिवसीय सम्मेलन में भारतीय उद्योग, शीर्ष व्यवसायियों के अलावा विदेशी प्रतिनिधि, केंद्रीय व राज्य मंत्री और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
विभागों में इतनी प्रस्तावित निवेश क्षमता चिहिन्त
इन्वेस्टर मीट की तैयारियों की समीक्षा को लेकर पहली बैठक में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि निवेश के साथ यह भी देखा जाएगा कि प्रदेश के पर्यावरण से कोई छेड़छाड़ न हो।
अभी तक विभागों की चिहिन्त व प्रस्तावित निवेश क्षमता में ऊर्जा क्षेत्र में 20,000 करोड़, निर्माण क्षेत्र में 15,000 करोड़, पर्यटन क्षेत्र में 10,000 करोड़, कृषि क्षेत्र में 5,000 करोड़, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स व कौशल विकास क्षेत्र में 5,000 करोड़, आवास व रियल एस्टेट में 5,000 करोड़, स्वास्थ्य व आयुर्वेद
क्षेत्र में 5,000 करोड़ और अधोसंरचना लॉजिस्टिक व लोक निर्माण विभाग में 2,000 करोड़ की निवेश क्षमता शामिल है। उन्होंने कहा कि बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के साथ एकल खिड़की एजेंसी बनाकर हिमाचल प्रदेश निवेश संवर्द्धन नीति बनाई जाएगी।
सूबे में पांच सम्मेलन, देश में होंगे रोड शो
वहीं, इन्वेस्टर मीट के लिए कॉमन वेबसाइट नए ढंग से तैयार की जाएगी ताकि निवेशकों को एक क्लिक पर क्षमता व निवेश की जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री ने इकाईयां स्थापित कराने के लिए उपायुक्तों को जिलों में विशिष्ट जलवायु, स्थान व क्षमता के साथ लैंड बैंक की पहचान करने को कहा।
बैठक में निर्णय लिया कि प्रदेश में पांच छोटे सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें पर्यटन के लिए मिनी कॉन्क्लेव धर्मशाला में, ऊर्जा तथा खाद्य प्रसंस्करण के लिए शिमला में, निर्माण व फार्मा के लिए बद्दी में, स्वास्थ्य देखभाल आयुष सूचना
प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए मंडी में जबकि साहसिक पर्यटन व लघु उद्योगों के लिए मनाली का चयन किया गया है। इसके अलावा देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में छह रोड शो आयोजित किए जाएंगे।