हिमाचल सूचना आयोग: ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र देने के लिए पिता भी परिवार का सदस्य
परिवार रजिस्टर में अगर पिता और बेटे के नाम दर्ज हों तो इससे सरकारी दिशा-निर्देश रद्द नहीं हो जाते हैं। यह आदेश राज्य सूचना आयोग ने जारी किए हैं। आयोग ने प्रथम अपीलीय अथारिटी एसडीएम के स्पष्टीकरण पर मुहर लगाते हुए इन्हें जारी किया है।
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ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र देने के लिए पिता भी परिवार का सदस्य है। परिवार रजिस्टर में अगर पिता और बेटे के नाम दर्ज हों तो इससे सरकारी दिशा-निर्देश रद्द नहीं हो जाते हैं। यह आदेश राज्य सूचना आयोग ने जारी किए हैं। आयोग ने प्रथम अपीलीय अथारिटी एसडीएम के स्पष्टीकरण पर मुहर लगाते हुए इन्हें जारी किया है। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त आरडी धीमान के समक्ष की गई एक शिकायत के मामले में यह आदेश जारी हुए हैं। इस आदेश के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस (इकोनोमिकली वीकर सेक्शन) प्रमाणपत्र को जारी करने के दिशा-निर्देशों में परिवार की संज्ञा पूरी तरह से स्पष्ट है। इनके अनुसार पिता परिवार का सदस्य है। इस तरह की प्रस्तुति कि पंचायत के रजिस्टर के अनुसार पिता और पुत्र अलग-अलग पारिवारिक रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं, यह राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों को रद्द नहीं करती है।
प्रथम अपीलीय अथारिटी के रूप में एसडीएम शिमला ग्रामीण ने इस संंबंध में पहले ही स्थिति स्पष्ट की हुई है। आयोग ने एसडीएम की ओर से प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण को भी स्पष्ट किया, जिससे अपीलकर्ता को संबंधित सूचना मिलने के बाद अच्छी तरह से संतुष्टि हुई है। आयोग के समक्ष यह शिकायत सुन्नी निवासी दुष्यंत अत्री ने की है। उन्होंने सात सितंबर 2021 को आरटीआई एक्ट के तहत एक आवेदन किया था। इसमें उन्हाेंने सूचना जारी नहीं किए जाने की बात की थी। इसमें जारी की गई सूचना को अधूरा और देरी से जारी की गई बताई गई थी। दुष्यंत अत्री ने सूचना मांगी थी कि उन्हें एक वयस्क बेटे की जमीन से होेने वाली आय के बारे में जानकारी दी जाए, जो अपने पिता के सदस्यता रिकाॅर्ड से अलग रह रहे हों।