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शिमला: मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, एसपी-डीएफओ और उप अरण्यपाल को नोटिस
Mon, 08 Nov 2021 08:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 08 Nov 2021 08:47 PM IST
सार
मामले की सुनवाई 22 नवंबर को रखी गई है। यह आदेश हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीएस राणा और सदस्य डॉ. अजय भंडारी ने जारी किए हैं।
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डाउनडेल का जंगल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने स्व संज्ञान लेते हुए शिमला के डाउनडेल में पांच साल के बच्चे के प्रथम दृष्टया तेंदुए के हमले से मारे जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक शिमला, उप अरण्यपाल वन्य प्राणी और डीएफओ वन्य प्राणी शिमला शहर को नोटिस जारी किया है। सभी से हलफनामे पर जवाब तलब किया गया है। राज्य मानवाधिकार आयोग में नियुक्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी हलफनामे के साथ फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तलब की गई है।
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इस मामले की सुनवाई 22 नवंबर को रखी गई है। यह आदेश हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीएस राणा और सदस्य डॉ. अजय भंडारी ने जारी किए हैं। आयोग ने कहा कि चार नवंबर को डाउनडेल से पांच वर्षीय योगराज पुत्र केदारनाथ को तेंदुए ने मारा, जो प्रथम दृष्टया मानवाधिकार अधिनियम 1993 के तहत मानवाधिकार हनन का मामला है।
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