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कर्ज नहीं चुकाया तो गुंडों के जरिए की रिकवरी, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Sun, 31 Jul 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 31 Jul 2016 12:01 AM IST
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himachal high court takes cognisance over loan recovery
हिमाचल हाईकोर्ट

प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्ज की किस्तें न चुकाने पर गाड़ी को जबरन अपने कब्जे में करने के मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए इंडसइंड बैंक के अधिकृत अधिकारी को तलब किया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने प्रार्थी धर्मवीर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि

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फाइनेंस कंपनियों द्वारा गुंडागर्दी कर अपने कर्जदारों की गाड़ियों या संपत्तियों को अपने कब्जे में लेना गैरकानूनी है। कोर्ट ने इंडसइंड बैंक द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के विपरीत प्रार्थी की गाड़ी को गुंडों का इस्तेमाल करते हुए अपने कब्जे में लेने पर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।

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रिकवरी एजेंट जैसे गुंडे रखने की प्रथा गलत

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मामले के अनुसार प्रार्थी ने जुलाई 2013 में 25 हजार पांच सौ रुपये की मासिक किस्तों के साथ 11 लाख 20 हजार रुपये का कर्ज गाड़ी खरीदने के लिए इंडसइंड बैंक से लिया। प्रार्थी जब 90 हजार रुपये के करीब की किस्तें चुकाने में असफल रहा तो बैंक ने गुंडों की सेवाएं लेकर उसकी गाड़ी को पठानकोट के रास्ते में अपने कब्जे में ले लिया।

कोर्ट ने बैंक के इस व्यवहार को गैरकानूनी पाते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि फाइनेंस कंपनियों द्वारा रिकवरी एजेंट जैसे गुंडों को रखने की प्रथा कानूनन गलत है। डिफाल्टरों से किस्तों की रकम कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही की जानी चाहिए। मामले पर सुनवाई 1 सितंबर को होगी।

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