मुख्य सचिव की लगेगी क्लास, हाईकोर्ट ने इस मामले पर किया तलब
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सभी राष्ट्रीय और राज्य राज मार्गों के आसपास शौचालयों तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रति सरकार के उदासीन रवैये के चलते मुख्य सचिव और एचआरटीसी के प्रबंधक निदेशक को तलब किया है।
हाईकोर्ट ने जनहित से जुड़े इस मामले में प्रदेश के सभी जिलाधीशों को आदेश दिए थे कि वे इन सड़कों के आसपास के सफाई कार्य से जुड़ी सभी अथॉरिटी के साथ बैठक करें।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को हलफनामे के माध्यम से इस जनहित कार्य की प्रगति की जानकारी देने के आदेश भी दिए थे। इन आदेशों को हल्के में लेने पर कोर्ट ने सरकार को फटकारते हुए सरकार के उच्चाधिकारी मुख्य सचिव को तलब करने के आदेश पारित किए।
कोर्ट ने कहा कि या तो महाधिवक्ता कार्यालय से सरकार तक कोर्ट के आदेश नहीं पहुंच रहे या संबंधित अधिकारी कोर्ट को हल्के में ले रहे हैं। कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार महाधिवक्ता कार्यालय से जारी निर्देशों को हल्के में लेना वास्तव में हाईकोर्ट को हल्के में लेना माना जाएगा और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध मजबूरन कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि प्रदेश में हर वर्ष तकरीबन दो करोड़ पर्यटक आते हैं। इतने लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए सड़कों के किनारे पर्याप्त शौचालय तक नहीं हैं। मजबूरन पर्यटकों और अन्य यात्रियों को खुले में शौच जाना पड़ता है।
इससे स्थानीय जल स्रोत और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। खुले में गंदगी करने से गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा भी पैदा हो जाएगा। आने वाले समय मे यह स्थिति भयावह रूप ले लेगी, जिससे निपटने के लिए अभी से तैयारी करनी होगी। मामले पर सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।