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हिमाचल: मंडी-मनाली एनएच के काम में सुस्ती, हाईकोर्ट ने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को लगाई फटकार

Thu, 04 Apr 2024 06:14 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 04 Apr 2024 06:14 PM IST
सार

 प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी और मनाली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-21 की हालत नहीं सुधारे जाने पर एनएचएआई समेत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को फटकार लगाई है। 

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Himachal High Court: Slowness in work of Mandi-Manali NH, reprimanded NHAI and PWD
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी और मनाली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-21 की हालत नहीं सुधारे जाने पर एनएचएआई समेत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने कहा कि मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति बहुत ही खराब है। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण गिरा मलबा नहीं उठाया गया है। जुलाई में बरसात शुरू हो जाएगी। हाईवे की हालत सुधारने के पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

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एनएचएआई और पीडब्लूडी एक दूसरे के हाथ में गेंद फेंक रहे हैं और इन दोनों के बीच आम जनता परेशान हो रही है। अदालत ने कहा कि सड़क पर उड़ रही धूल और खराब हालत गाड़ी चालकों की मुश्किलें बढ़ा रही है। कुछ स्थानों पर भूस्खलन से सड़क तंग हो गई है, जिस पर तुरंत प्रभावशाली कार्रवाई करने की जरूरत है। अदालत ने पीडब्ल्यूडी को आदेश दिए कि वह स्पष्ट करे कि अभी तक सड़क की हालत क्यों नहीं सुधारी गई। अदालत ने प्रदेश सरकार और एनएचएआई को बरसात से पहले सड़क की मरम्मत पूरा करने के आदेश दिए। साथ ही सभी मुद्दों पर एनएचएआई से अगली सुनवाई तक नया हलफनामा दायर करने को कहा है। अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।
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कैथलीघाट-सोलन एनएच की मांगी ताजा स्टेटस रिपोर्ट
 हिमाचल हाइकोर्ट ने कैथलीघाट-सोलन राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर अदालत के आदेश की अनुपालना के लिए एनएचएआई और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को ताजा रिपोर्ट दायर करने को कहा है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण के कारण लोगों के बीच आपसी विवाद का निपटारा करने के लिए दो हफ्ते के अंदर बैठक करने के निर्देश दिए। अदालत ने पिछले आदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए आदेश दिया था। मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।
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