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सीबीआई को शपथ पत्र देने पर हाईकोर्ट ने सुरक्षित किया फैसला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:31 AM IST
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प्रदेश हाईकोर्ट में गुड़िया रेप व हत्या मामले पर सीबीआई द्वारा आरोपी पुलिस कर्मियों के शपथ पत्रों की मांग करने वाले आवेदन पर लंबी बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ में मामले पर सुनवाई हुई।
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सीबीआई ने कोर्ट से आग्रह किया है कि उसे गुड़िया रेप मामले में गवाह बनाए गए तत्कालीन जांच अधिकारी दीप चंद के शपथ पत्र की प्रतिलिपि दी जाए ताकि उस गवाह के होने वाले बयान व शपथ पत्र में दी गई जानकारी आपस में परखी जा सके। सीबीआई ने कहा कि वह इस मामले में बनाए गए अन्य सभी निजी प्रतिवादी पुलिसकर्मियों के शपथ पत्र भी चाहती है।
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सीबीआई ने सभी शपथ पत्रों की प्रतिलिपि कोर्ट से मांगी है। सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया था कि लॉकअप हत्याकांड में ट्रायल आगे नहीं बढ़ पा रहा है क्योंकि आरोपियों की ओर से पैरवी के लिए कोई वकील पेश नहीं हो रहा है। बता दें, गुड़िया मामले में पुलिस जांच के दौरान पकड़े गए कथित आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या की गई थी।
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इस हत्या के बाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान वाली मौजूदा जनहित याचिका में तत्कालीन एसआईटी प्रमुख पूर्व आईजी जहूर एस जैदी समेत 9 पुलिसकर्मियों को प्रतिवादी बनाया और उनसे उनके द्वारा इस मामले में की गई जांच का विस्तृत ब्यौरा शपथ पत्र के माध्यम से देने के आदेश दिए थे।
सभी प्रतिवादी पुलिसकर्मियों ने अपने अपने शपथ पत्र सील्ड कवर में दायर किए हैं। सीबीआई ने सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दायर करने से पहले भी यह शपथ पत्र मांगे थे लेकिन हाईकोर्ट ने यह शपथ पत्र सौंपने से इनकार कर दिया था क्योंकि सीबीआई जांच लंबित थी। अब जबकि दोनों ही मामलों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है इसलिए सीबीआई इन शपथ पत्रों में दी गई जानकारियों का इस्तेमाल ट्रायल के दौरान करना चाहती है।