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एएन शर्मा मामले में धूमल को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

Sat, 05 Dec 2015 09:05 AM IST
Updated Sat, 05 Dec 2015 09:05 AM IST
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Himachal High Court quashes vigilance case against former cm prem kumar dhumal.

हिमाचल हाईकोर्ट ने पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा को दोबारा नियुक्ति देने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने धूमल के साथ एएन शर्मा समेत अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो की ओर से दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर उनके खिलाफ जारी किए गए तलबी आदेशों को चुनौती दी थी।

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उन्होंने मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई थी। एक अगस्त 2013 को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार धूमल पर आरोप था कि उन्होंने 2007 में सीएम रहते हुए अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए एएन शर्मा को नियमों के विपरीत दोबारा नियुक्ति दी। उन्होंने डीआईजी के पद पर 30 नवंबर 2011 तक कार्य किया। आरोप था कि धूमल के प्रधान निजी सचिव रवि ढींगरा ने एएन शर्मा की फाइल प्रधान सचिव गृह को मार्क की थी।

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भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं बनता: हाईकोर्ट

Himachal High Court quashes vigilance case against former cm prem kumar dhumal.

तत्कालीन प्रधान गृह सचिव डॉ. पीसी कपूर ने त्यागपत्र को वापस लेने के आवेदन पर अपना अनुमोदन किया था। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इस पुन: नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए विस्तृत जांच के बाद प्रेम कुमार धूमल, एएन शर्मा, रवि ढींगरा और डॉ. पीसी कपूर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला बनाकर विजिलेंस थाना शिमला में प्राथमिकी दर्ज की थी। अभियोजन पक्ष ने स्पेशल जज वन के समक्ष सभी आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया।

निचली अदालत ने धूमल सहित अन्य आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश होने के आदेश दिए थे। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद यह पाया कि सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं बनता। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सिविल नेचर के हैं। कोर्ट ने यह पाया कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामला उस श्रेणी में आता है जिसमें एफआईआर को रद्द करना न्यायसंगत है।

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