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हिमाचल हाईकोर्ट: प्रधान सचिव गृह खेड़ा, डीजी होमगार्ड और कमांडेंट अवमानना के आरोपों से बरी

Sat, 07 May 2022 08:10 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 May 2022 08:10 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा, होमगार्ड विभाग के महानिदेशक एसपी सिंह और कमांडेंट शिव कु मार को अवमानना के आरोपों से बरी कर दिया है। 

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Himachal High Court: Principal Secretary Home Kheda, DG Home Guard and Commandant acquitted of contempt charges
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा, होमगार्ड विभाग के महानिदेशक एसपी सिंह और कमांडेंट शिव कु मार को अवमानना के आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने व्यवस्था दी है कि अवमानना के मामले में न्यायालय का कर्तव्य है कि ऐसे व्यक्ति को दंडित किया जाए जो न्याय के मार्ग में बाधा डालने का प्रयास करता है या न्यायपालिका की संस्था को बदनाम करता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि हालांकि इस शक्ति का प्रयोग आकस्मिक या हल्के ढंग से नहीं, बल्कि बड़ी सावधानी के साथ करना पड़ता है। इस मामले में याचिकाकर्ता धनी राम ने आरोप लगाया था कि इन प्रतिवादियों ने अदालती आदेशों की अवहेलना करते हुए उसे नौकरी से निकाल दिया है, जबकि अदालत का आदेश था कि उसे नौकरी पर बहाल किया जाए।

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प्रतिवादियों की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने अदालत से तथ्यों को छिपाते हुए अपने पक्ष में नौकरी बहाल करने के बारे में अंतरिम आदेश प्राप्त किया है, जबकि तथ्यों के अनुसार प्रतिवादियों ने अदालत के आदेशों की कोई अवहेलना नहीं की है। याचिकाकर्ता के अनुसार हाईकोर्ट ने उसे सेवा में बहाल किए जाने के बारे में वर्ष 2010 में फैसला सुनाया था और उसे विभाग ने उसकी सेवा इस शर्त पर बहाल की थी कि उसकी बहाली अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। इसके बाद विभाग ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं। याचिकाकर्ता ने विभाग की ओर से सेवा समाप्त किए जाने के बारे में आदेशों को प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के समक्ष चुनौती दी थी। ट्रिब्यूनल ने उन्हें तुरंत बहाली करने के आदेश पारित किए थे। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि प्रतिवादियों ने अदालत के आदेशों की कोई अवहेलना नहीं की है। 

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