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हाईकोर्ट ने दिए ब्याज सहित बकाया सेवानिवृत्ति लाभ जारी करने के आदेश
Sat, 10 Apr 2021 10:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 10 Apr 2021 10:42 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति लाभ रोके जाने को गैरकानूनी ठहराते हुए वन विभाग को आदेश दिए कि वह प्रार्थी सतनाम को 30 दिनों के भीतर बकाया सेवानिवृत्ति लाभ 9 फीसदी ब्याज सहित अदा करे। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने दोषी कर्मचारियों का पता लगाने व उनसे ब्याज राशि वसूलने की कार्यवाही भी 6 माह के भीतर पूरी करने के आदेश दिए।
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मामले के अनुसार याचिकाकर्ता 30 अक्तूबर 2017 को बतौर रेंज ऑफिसर नयनादेवी जी फॉरेस्ट रेंज से सेवानिवृत्त हुआ था। रिटायरमेंट के समय प्रार्थी के खिलाफ कोई भी विभागीय अथवा आपराधिक मामला लंबित नहीं था, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए उसके सेवानिवृत्ति लाभ रोक दिए कि उसके खिलाफ सेवानिवृत्ति के बाद विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जानी है।
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विभागीय कार्यवाही का आधार प्रार्थी के कार्यकाल के दौरान नैना देवी जी फॉरेस्ट रेंज में 4500 से अधिक खैर के पेड़ों का अवैध कटान होना बताया गया। कोर्ट ने कहा कि सेवा नियमों के तहत वन विभाग के पास रिटायरमेंट के बाद किसी कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने की काई अथॉरिटी नहीं है, इसलिए प्रार्थी के रिटायरमेंट लाभ रोकना गैरकानूनी है।
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