{"_id":"638243b04ddc6f0a8850ea6a","slug":"himachal-high-court-order-to-lodge-fir-against-former-panchayat-pradhan-ward-member","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल हाईकोर्ट: पूर्व पंचायत प्रधान, वार्ड सदस्य पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल हाईकोर्ट: पूर्व पंचायत प्रधान, वार्ड सदस्य पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश
Sat, 26 Nov 2022 10:21 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 26 Nov 2022 10:21 PM IST
सार
न्यायाधीश त्रिलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने धर्मशाला की ग्राम पंचायत गाबली के पूर्व प्रधान और वार्ड सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सामुदायिक भवन बनाने के लिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायाधीश त्रिलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने धर्मशाला की ग्राम पंचायत गाबली के पूर्व प्रधान और वार्ड सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने उपायुक्त कांगड़ा को आदेश दिए कि वह मामले की छह महीनों के भीतर जांच पूरी करें और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाए। सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 9.54 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। 2 मई 2011 को 4 लाख रुपये जारी कर दिए गए।
विज्ञापन
इसके बावजूद भवन निर्माण नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में लोकल कमिश्नर के जरिये रिपोर्ट तलब की थी। अदालत को बताया गया कि जहां सामुदायिक भवन बनाया जाना प्रस्तावित था, वहां अब झाड़ियां हैं। चहारदीवारी तक नहीं है। संबंधित विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कोर्ट को बताया कि भवन निर्माण का काम जारी है। कोर्ट ने लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट और सरकार की रिपोर्ट में विरोधाभास पाते हुए सरकार पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने पाया कि इस मामले में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।
विज्ञापन