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Himachal High Court: कानूनगो की नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से वरिष्ठता देने के आदेश
Sat, 13 Aug 2022 11:45 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 13 Aug 2022 11:45 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कानूनगो को उनकी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से वरिष्ठता देने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता ओम प्रकाश और अन्य की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश पारित किए।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कानूनगो को उनकी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से वरिष्ठता देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने याचिकाकर्ता को वरिष्ठता, पदोन्नति और वित्तीय लाभ के लिए हकदार ठहराया है। अदालत ने सचिव राजस्व और उपायुक्त मंडी को आदेश दिए कि वह दो माह के भीतर याचिकाकर्ताओं को वरिष्ठता से जुड़े सारे लाभ अदा करें। याचिकाकर्ता ओम प्रकाश और अन्य की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश पारित किए। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि एक ही वर्ग की वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए दो तरह के नियम नहीं हो सकते।
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एक की वरिष्ठता नियमानुसार और दूसरे की कार्यकारी निर्देशों के आधार पर निर्धारित करना असंवैधानिक है। राज्य के विभिन्न जिले में सभी कानूनगो का नियोक्ता हिमाचल प्रदेश सरकार है। सभी कानूनगो एक ही नियम से शासित होते हैं। आरोप लगाया गया था कि मंडी जिले मेें कानूनगो की वरिष्ठता उनकी नियुक्ति की प्रारंभिक तिथि से नहीं दी गई है। यह वरिष्ठता उन्हें प्रशिक्षण और विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद दी गई है। उन्होंने वर्ष 1987 में विभाग में प्रवेश किया था। उसके बाद उन्होंने वर्ष 1991 में प्रशिक्षण और विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद ही विभाग ने उनकी वरिष्ठता सूची बनाई। याचिकाकर्ताओं ने इस बारे में विभाग के पास प्रतिवेदन किया था, जिसे विभाग ने खारिज कर दिया था। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद उक्त फैसला सुनाया।
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