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किंग्स इलेवन पंजाब से हिमाचल हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:12 AM IST
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किंग्स इलेवन पंजाब को हिमाचल हाईकोर्ट ने 23 जून तक अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
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धर्मशाला में एचपीसीए की ओर से आईपीएल मैच आयोजित करने की एवज में सुरक्षा खर्च वसूले जाने के आग्रह को लेकर दायर याचिका में एचपीसीए ने अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखा। किंग्स इलेवन पंजाब को मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने 23 जून तक अपना पक्ष रखने का आदेश दिया।
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अधिवक्ता विनय शर्मा ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी। अब उनकी बतौर उपमहाधिवक्ता की नियुक्ति के बाद इस याचिका को जगदीश शर्मा ने जारी रखा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि धर्मशाला में साल 2010 से आईपीएल मैचों का आयोजन किया जा रहा है।
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राज्य सरकार के मैचों के आयोजन के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। एचपीसीए की ओर से इस बाबत राज्य सरकार को कोई धनराशि नहीं दी गई है। प्रार्थी के अनुसार जनता के पैसे के दम पर व्यावसायिक कंपनी द्वारा अपना पैसा बनाया जा रहा है।
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एचपीसीए से सुरक्षा खर्च वसूलने की मांग
टैक्स के नाम पर भी राज्य सरकार को कोई भी भुगतान नहीं किया गया। प्रार्थी ने मांग की है कि एचपीसीए से सुरक्षा खर्च वसूला जाए। बीसीसीआई के अनुसार भी एचपीसीए का ही ये दायित्व है कि वह आईपीएल मैचों पर सुरक्षा खर्च का भुगतान राज्य सरकार को करे। जबकि एचपीसीए के अनुसार इस बाबत निर्णय राज्य सरकार द्वारा 26 सितंबर 2014 को लिया गया था।
इस निर्णय के तहत केवल व्यावसायिक मैचों के आयोजन पर ही सुरक्षा खर्च वसूला जाएगा यानी एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों से यह खर्च नहीं वसूला जाएगा। एचपीसीए ने माना कि भविष्य में वह सरकार के नीतिगत फैसले के तहत सुरक्षा खर्च देने को तैयार है। मामले पर सुनवाई 23 जून को होगी।