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किलाड़ में नौकरी नहीं करने की याचिका हिमाचल हाईकोर्ट ने की खारिज, जानें पूरा मामला

Fri, 08 Oct 2021 10:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 08 Oct 2021 10:00 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के आईटीआई संस्थाओं के प्रशिक्षक चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र किलाड़ में स्थित आईटीआई के प्रशिक्षुओं को छोटे भगवान द्वारा बनाये गए बच्चे समझते हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने ऐसी टिप्पणी करने की वजह बताते हुए कहा कि यह तीसरा मामला है जिसमें आईटीआई प्रशिक्षक ने किलाड़ जाने में असमर्थता जताई है। 

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Himachal High Court dismissed the petition regarding not doing a job in Killar, know the whole matter
हिमाचल हाईकोर्ट।

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जनजातीय इलाकों में सेवाएं देने से बचने वाले शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इन इलाकों में पढ़ने वाले बच्चों को छोटे भगवान के बनाये बच्चे समझते हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के आईटीआई संस्थाओं के प्रशिक्षक चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र किलाड़ में स्थित आईटीआई के प्रशिक्षुओं को छोटे भगवान द्वारा बनाये गए बच्चे समझते हैं।

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न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने ऐसी टिप्पणी करने की वजह बताते हुए कहा कि यह तीसरा मामला है जिसमें आईटीआई प्रशिक्षक ने किलाड़ जाने में असमर्थता जताई है। कोर्ट ने प्रार्थी द्वारा किलाड़ न जा पाने के लिए बताई कठिनाइयों को पर्याप्त न पाते हुए उसकी याचिका को खारिज कर दिया।

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