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हाईकोर्ट की निचली अदालतों को हिदायत, शार्टकट न अपनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:04 AM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने निचली अदालतों को हिदायत दी है कि वह अपने यूनिट पूरे करने के लिए शॉर्टकट न अपनाएं। अधिवक्ता या प्रार्थी की अनुपस्थिति में मामले को डिसमिस फॉर वांट ऑफ प्रॉसीक्यूशन करने की बजाय मेरिट के आधार पर मामले का निपटारा करें।
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एक याचिका का निपटारा करते हुए न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि आपराधिक अपील को अपीलकर्ता या उसके अधिवक्ता की अनुपस्थिति के कारण डिसमिस फॉर वांट ऑफ प्रॉसीक्यूशन नहीं किया जा सकता।
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अपील में दिए तथ्यों के अनुसार 17 जनवरी 2017 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मंडी ने प्रार्थी पूरण चंद की अपील को इस कारण डिसमिस फॉर वांट ऑफ प्रॉसीक्यूशन कर दिया, क्योंकि न तो वह और न ही उसकी ओर से अदालत के समक्ष अधिवक्ता उपस्थित हो पाए।
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इस तरह के मामले में हाईकोर्ट यह स्पष्ट कर चुका है कि आपराधिक अपील को डिसमिस फॉर वांट ऑफ प्रॉसीक्यूशन नहीं किया जा सकता।