{"_id":"614232b98ebc3ec91c3f3bf2","slug":"himachal-high-court-decision-over-defamation-case-defamation-case-against-prem-kumar-dhumal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल हाईकोर्ट: धूमल के खिलाफ वापस होगा मानहानि का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल हाईकोर्ट: धूमल के खिलाफ वापस होगा मानहानि का मामला
Thu, 16 Sep 2021 10:27 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 16 Sep 2021 10:27 AM IST
सार
मामले के अनुसार प्रार्थी वीरभद्र सिंह ने प्रेम कुमार धूमल और अरुण जेटली के खिलाफ अपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था, लेकिन 27 मई 2014 को उन्होंने केवल अरुण जेटली के खिलाफ यह मामला वापस ले लिया था।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल और अन्य के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले को उनके पुत्र विक्रमादित्य के वक्तव्य के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत से वापस लेने की अनुमति दे दी।
विज्ञापन
मामले पर सुनवाई न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की अदालत के समक्ष हुई। गौरतलब है कि प्रेम कुमार धूमल और अन्य ने उनके खिलाफ दायर इस आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत की ओर से जारी समनिंग आदेशों को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी।
विज्ञापन
मामले में हाईकोर्ट ने प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले की सुनवाई पर रोक लगाई थी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रेम कुमार धूमल, अरुण धूमल और अनुराग ठाकुर के विरुद्ध आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था।
विज्ञापन
मामले के अनुसार प्रार्थी वीरभद्र सिंह ने प्रेम कुमार धूमल और अरुण जेटली के खिलाफ अपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था, लेकिन 27 मई 2014 को उन्होंने केवल अरुण जेटली के खिलाफ यह मामला वापस ले लिया था। उसके बाद सीजेएम शिमला ने 26.9.2014 को वीरभद्र सिंह की ओर से इस मामले में गवाहों के प्रारंभिक बयान दर्ज करवाए जाने के पश्चात प्रतिवादियों को तलब किया था।